मोदी की नोटबंदी से थर्राया पाक, दबे पांव नष्ट कर रहा जाली नोट

Dec 23 2016 01:29 PM

सुबह के समय नींद से जागकर अख़बार हाथ में लेते समय सोचिये आपके सामने पहला पन्ना खून से लथपथ हो और उसकी हेडलाइन - भारत में बड़ा आतंकी हमला, हज़ारो लोगो की मौत.... यह हैडलाइन काल्पनिक है लेकिन सोचिए महज एक काल्पनिक हैडिंग से ही हमारे कदमो के नीचे की जमीन हिल उठती है तो जब हमारा देश आतंक का सामना करता है तो क्या होता होगा. यह आतंक आता है पाक से.....

भारतीय फैक करेंसी के दम पर अपने देश में आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत में दहशतगर्दी फ़ैलाने वाला पाकिस्तान अब दबे पांव गुपचुप तरीके से जाली नोटों को नष्ट कर रहा है. वो ऐसा इसलिए कर रहा है क्योकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का साहसिक फैसला लेकर सभी को हिलाकर रख दिया. यही वजह है कि पाकिस्तान अपनी ही बनाई गई फैक करेंसी को नष्ट करने के लिए मजबूर हो गया. बता दे कि 8 नवंबर की रात पीएम मोदी ने अचानक 1000 और 500 के नोट बंद करने की घोषणा करके सबको हैरान कर दिया. हैरान करने वाले इस सहासिक फैसले के बाद देश में ही नही बल्कि हमें आए दिन हमें परेशान करने वाले पडोसी मुल्क में भी हड़कंप मच गया. आतंक को पनाह देने वाले पाकिस्तानी संगठन द्वारा छापी गई करोडो की भारतीय फैक करेंसी एक झटके में रद्दी हो गई.

इस घोषणा का असर कुछ इस तरह हुआ कि दूसरे ही दिन अख़बार और तमाम तरह के न्यूज़ चैनल में पाकिस्तान सीमा पर भारतीय फैक करेंसी फेकने की खबरे सुर्खिया बनने लगी. कालेधन, आतंकवाद और भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए मोदी सरकार द्वार छेड़े गए इस अभियान से पाकिस्तान की रीढ़ की हड्डी टूट गई और वह अब मजबूर हो चूका है अपने ही घर में छापे गए नकली भारतीय नोट को ख़त्म करने पर. इसीलिए अब वह अपनी ही करतूत के उजागर होने से बचने के लिए करोडो-अरबो रुपए की भारतीय फैक करेंसी को ट्रक में भरकर नष्ट करने में जुट गया है. यह दावा हम नही कर रहे है बल्कि सोशल मीडिया पर इस तरह का वायरल होता हुआ विडियो कर रहा है, जिसमे बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में भारतीय नकली करेंसी को नष्ट किया जा रहा है.

नकली नोटों पर लगाम - देश की सबसे बड़ी समस्या थी नकली करेंसी। सीमापार से भी देश में नकली करेंसी का प्रवाह हो रहा था. नकली करेंसी हमेशा बड़े नोट यानि 500 और 1000 के नोटों में आती थी. नोटबंदी से यह नकली करेंसी एक झटके में देश से साफ हो गई. वहीं अगले कई सालों तक देश की अर्थव्यवस्था नकली करेंसी से सुरक्षित रहने की संभावना है.

आतंकी हमले में कमी - जहा एक तरफ भारत पठानकोट और उरई हमले से उबरने की कोशिश कर रहा था वही दूसरी तरफ पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों को लगातार अंजाम देते हुए सीमा पर गोलिया बरसाने से बाज नही आ रहा था ऐसे में मोदी के इस फैसले के बाद पाकिस्तान द्वारा गोलीबारी तो की गई लेकिन इसके आंकड़े में कमी आई है.

विरोध मगर कम हुई हिंसा - भले ही देश में इस फैसले का विपक्ष द्वारा विरोध किया जा रहा हो. भले ही इस फैसले से लोगो को परेशानी हो रही हो लेकिन सच तो यह है कि महज 5 मिनट के अंदर इस फैसले ने खूंखार आतंकवादी संगठनो द्वारा छापे गए अरबो के जाली भारतीय नोट को साफ कर दिया. वही खबरों की माने तो कश्मीर में भी कही न कही हिंसा काम हुई है. पत्थरबाजी और आगजनी कि घटना पर नियंत्रण देखने को मिला.

आम इंसान परेशान मगर चहरे पर ख़ुशी - नोटबंदी के बाद देश में लाइन लगने का दौर शुरू हो गया. आम से लेकर तमाम तरह के लोग बैंक और एटीएम की तरफ भागने लगे. इस फैसले से आम आदमी को काफी परेशान होना पड़ा. दिहाड़ी मजदूरी करने वाला गरीब आदमी लाइन में खड़े होने पर मजबूर हो गया. लेकिन इस फैसले का विरोधी विपक्ष के कंधे कमजोर तब हो गए जब आम इंसान लाइन में खड़े रहकर परेशानी का सामना करने के बाद भी मुस्कुराकर नोटबंदी का समर्थन कर रहा था.

कैशलेस इकोनॉमी का युग - नोटबंदी के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद देश में कैशलेस इकोनॉमी का चलन बढ़ने की पूरी संभावना है. इससे करेंसी पर देश की निर्भरता कम होगी और आरबीआई और अन्य बैंकों के साथ केन्द्र सरकार को करेंसी संचालन में कम खर्च करना पड़ेगा. इसका फायदा सरकार को ज्यादा से ज्यादा रेवेन्यू में होगा, वहीं आम आदमी को यह फायदा होगा कि उसका पैसा सुरक्षित रहेगा.