दिल्ली सरकार के ऐप पर कीजिए अपना पक्का बिल अपलोड और पाइए इनाम

Jan 19 2016 12:06 PM
दिल्ली सरकार के ऐप पर कीजिए अपना पक्का बिल अपलोड और पाइए इनाम

नई दिल्ली : फिल्म नायक का वो डायलॉग जिसमें अनिल कपूर कहते है कि आप कुछ भी खरीदें तो दुकानदार से पक्का बिल लेना न भूलें। ये आपका हक है। दिल्ली सरकार ने भी इसी डायलॉग के साथ बिल बनवाओ इनाम पाओ योजना के तहत डीवेट ऐप लॉन्च किया है। इसमें आपको केवल अपने बिल का डिटेल इस ऐप पर डालते रहना होगा। इसके बाद हर महीने की 15 तारीख को सरकार ड्रॉ निकालेगी, जिसमें जो जीतेगा सरकार उसे 50 हजार रुपए इनाम स्वरुप देगी।

अधिक राजस्व, अधिक बचत

इस ऐप को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लांच किया। उन्होने कहा कि लोगों की दिल्ली सरकार और दिल्ली के विकास में अधिक से अधिक भागीदारी होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने ये ऐप लांच किया है। सिसोदिया ने कहा कि सरकार को वैट के जरिए अधिक से अधिक टैक्स की प्राप्ति होगी तो सरकार अन्य चीजों पर से टैक्स कम कर सकेगी। इस योजना के तहत वाहन की खरीद, पेट्रोल खरीद और एंबेसी के बिल शामिल नही है।

ऐप कैसे काम करेगा

इसके जरिए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई तो ऐप उसे डिटेक्ट कर लेगा। जैसे ही आप अपना बिल ऐप पर अपलोड करेंगे। वैट विभाग बिल के टिन नंबर से यह पता लगा लेगा कि बिल असली है या नकली। अगर दुकानदार ने गलत बिल दिया है, तो उस पर कार्रवाई होगी। इससे इमानदार दुकानदारों को लाभ और बेईमान दुकानदारों को हानि होगी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल दिल्ली का सलाना बजट 40 से 45 हजार करोड़ रुपए है। जनता सेल टैक्स के रुप में जितना टैक्स दे रही है, उतना यदि इमानदारी से सरकार के पास हुंच जाएगा, तो हम कई चीजों पर से टैक्स को कम कर सकेंगे।

सिसोदिया ने बताया कि अभी लोगों में दुकानदार से सामान खरीदते समय या रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद बिल लेने की आदत नहीं है। अगर ले भी लेते हैं तो सोचते हैं कि इसका क्या फायदा। जबकि सच्चाई यह है कि किए गए भुगतान के बदले दुकानदार को टैक्स चुका रहे हैं। एक भिखारी भी अगर नमक की थैली खरीद रहा है तो उस पर भी वह बिक्री कर का भुगतान कर रहा है। यह बात लोगों की जानकारी में नहीं है।

डीवेट योजना के तहत 100 रुपए से अधिक के बिल को फोटो खींचने के बाद अपलोड करना है। इसके बाद आप जितना भी टैक्स भर रहे है, उसकी जानकारी सीधे टैक्स विभाग को जाएगी। इससे सरकार के खाते में अधिक राजस्व जाएगा तो वहीं ग्राहक को उसका 5 गुणा अर्थात् अधिकतम 50000 रुपए तक का इनाम मिलेगा।