रक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान, कही यह बात

नई दिल्लीः देश में रक्षा सौदे अक्सर विवादित रहे हैं। शायद ही कोई ऐसा रक्षा सौदा अथवा रक्षा मंत्री हो जिसके कार्यकाल में इन सौदों में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप न लगे हों। इस कारण देश में रक्षा सौदे काफी लंबे और पेचीदा होते हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने रक्षा उद्योग में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागेदारी को आमंत्रित करते हुए भरोसा दिलाया कि भ्रष्टाचार की शिकायतों के डर से वह फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित इंडिया इंटरनेशनल सिक्योरिटी एक्सपो में राजनाथ ने कहा कि निजी रक्षा क्षेत्र की उद्यमशीलता का पूरा इस्तेमाल करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। भारतीय रक्षा क्षेत्र को 2025 तक 26 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना के तहत सरकार उसके साथ बातचीत करने और उसकी समस्याएं सुलझाने के लिए तैयार है। इसके लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। रक्षा मंत्री ने निजी कंपनियों से आग्रह किया कि वे आगे बढ़ें और जहां संभव होगा वह पूरी मदद करेंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत लंबे समय तक आयातित हथियारों पर निर्भर नहीं रह सकता क्योंकि यह देश की सुपरपावर बनने की योजना से मेल नहीं खाता।

उन्होंने कहा कि जो मंत्री भ्रष्टाचार के आरोपों से डरता है उसे फैसले लेने से बचना चाहिए। राजनाथ सिंह इन सबकी परवाह नहीं करता। इस देश में लोग और बड़े औद्योगिक संगठन जानते हैं कि कौन क्या है। वह इन सब से बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि उनके मंत्रालय ने रक्षा क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं और औद्योगिक लाइसेंसिंग को उदार बनाया है।

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