ज्ञानवापी का सर्वे करने वाले कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा हटाए गए, मुस्लिम पक्ष ने जताई थी आपत्ति

वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद ये विवाद और गहरा गया है. हिंदू पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिला है, जबकि मुस्लिम पक्ष की दलील है कि वो शिवलिंग नहीं फव्वारा है. आज वाराणसी कोर्ट में इसपर सुनवाई हुई. फिलहाल कोर्ट कमिश्नर ने सर्वे रिपोर्ट जमा कराने के लिए 2 दिन का और समय मांगा है, जिस पर आज देर शाम फैसला आ सकता है. इस बीच कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को हटा दिया गया है. बाकी दोनों कमिश्नर दो दिन में रिपोर्ट देंगे.

मामले पर आज शीर्ष अदालत में भी सुनवाई हो रही है. ये सुनवाई मस्जिद कमेटी की याचिका पर की जा रही है. कमेटी ने शीर्ष अदालत में दाखिल की गई अपनी याचिका में सर्वे कराने पर ही सवाल खड़े किए हैं. मुस्लिम पक्ष के वकील अभयनाथ यादव के अनुसार, कोर्ट कमिश्नर ने अदालत में रिपोर्ट जमा नहीं की है और 2 दिन का समय मांगा है. उन्होंने आगे कहा कि हिंदू पक्ष की ओर से दिया गया आवेदन बिल्कुल निराधार है. नंदी की धुरी नापने, दीवार तोड़ने की बात कही गई है, जो गलत है. मलबा हटाने की दलील गलत है और ना ही कानूनी है, यह मांग धार्मिक स्थल कानून के विरुद्ध है. जिसपर विचार करने का फैसला अदालत को करना है.

अभयनाथ यादव ने आगे कहा कि शिवलिंग होने का दावा किया गया है, वो पहली मंजिल पर है, शिवलिंग हवा में नहीं झूलता, शिवलिंग जमीन में होता है. शिवलिंग का दावा करना हिंदू पक्ष का अपना विचार है. रिपोर्ट तय करेगी कि शिवलिंग है या नहीं. कोर्ट ने आपत्ति दायर करने के लिए वक़्त दिया है, जिसके बाद हम अपनी आपत्ति दाखिल करेंगे.

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