बड़ा खुलासा : प्याज की खरीद में केजरीवाल सरकार ने किया घोटाला

नई दिल्ली : ईमानदारी का मुद्दा उठाकर बीजेपी और कांग्रेस का पट्टा साफ करते हुए दिल्ली की सत्ता पर अपना कब्ज़ा ज़माने वाली केजरीवाल सरकार के खिलाफ एक बड़ा खुलासा हुआ है. महंगाई कम करने के नाम पर जो प्याज 40 रुपये प्रतिकिलो की कीमत पर बिना फायदे-नुकसान उठाकर बेचने का दावा दिल्ली सरकार कर रही है, वह प्याज सरकार ने औसतन महज 16 रुपये प्रतिकिलो की कीमत से खरीदी है.

इतना ही नहीं, दिल्ली सरकार ने 40 रुपये प्रतिकिलो के प्याज पर 10 रुपये की सब्सिडी देने की बात तक भी कह डाली. हैरान करने वाला यह खुलासा नासिक की SFAC संस्था से मिली आरटीआई के तहत जानकारी से हुआ, जहां से दिल्ली सरकार ने 2637.58 मिट्रिक टन प्याज खरीदा था. SFAC की रसीद से तथ्यों की पुष्टि‍ हो जाती है, जिस पर संस्था के मार्केटिंग टीम लीडर डॉ. आर. दुवरी ने दस्तखत किए हैं. रसीद में साफ लिखा है कि दिल्ली सरकार ने SFAC से 14 रुपये से लेकर 20 रुपये प्रतिकिलो के बीच की दर से कुल 2637.58 मिट्रिक टन प्याज खरीदा, जिसकी औसत कीमत है करीब 18 रुपये प्रतिकिलो. लेकिन दिल्ली को बताया गया कि प्याज की कीमत है तकरीबन 33 रुपये प्रतिकिलो और 7 रुपये प्रतिकिलो के भंडारण और परिवहन शुल्क को मिलाकर वह 40 रुपये प्रतिकिलो बेचा जाएगा.

प्याज की कीमते आसमान छू रही थी इसी बीच केजरीवाल सरकार ने प्याज पर 10 रुपये प्रतिकिलो की सब्सिडी देने का दावा किया और प्याज की कीमत 30 रुपये प्रतिकिलो हो गई. यहीं से दिल्ली सरकार के ऊपर सबसे बड़े भ्रष्टाचार का आरोप शुरू होने लगता है. अब सवाल यह उठता है की 18 रुपये से लेकर 33 रुपये प्रतिकिलो के बीच जो 17 रुपये का फर्क है, वो आखिर किसकी जेब में गया? सवाल इसलिए बड़ा है की दिल्ली की जनता ने भरष्टाचार के खिलाफ खड़े होकर अरविंद केजरीवाल के हाथो में दिल्ली की सत्ता दी. अब देखना यह है की क्या केजरीवाल अपनी सरकार के खिलाफ प्याज घोटाले की जाँच का आदेश देंगे.

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