हिन्दुओं का अपमान: पूजा-पाठ को आमिर खान ने बताया मलेरिया, वकील ने दर्ज करवाई शिकायत

आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' बीते 11 अगस्त को रिलीज हो चुकी है लेकिन रिलीज के साथ ही यह विवादों में फंसती चली जा रही है। आपको बता दें कि इस फिल्म के थिएटरों में लगने से पहले ही इसको बायकॉट करने की मांग तो उठ ही रही थी, वहीं अब जब कुछ गिने-चुने लोगों ने इसे देखा तो वह इल्जाम लगाने लगे हैं। सामने आने वाली रिपोर्ट्स की मानें तो शुक्रवार को आमिर खान के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई है। जी दरअसल दिल्ली के एक वकील ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा से बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के खिलाफ शिकायत की है। आपको बता दें कि आमिर के अलावा पैरामाउंट पिक्चर प्रोडक्शन हाउस और अन्य के नाम भी वकील ने लिये हैं। जी दरअसल शिकायत करने वाले वकील का कहना है कि फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' में भारतीय सेना और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत किया है।

आपको बता दें कि वकील का नाम विनीत जिंदल है। विनीत ने दिल्ली पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि 'फिल्म में कई आपत्तिजनक कंटेंट हैं।' इसी के साथ ही वह आमिर खान, डायरेक्टर अद्वैत चन्दन और पैरामाउंट पिक्चर्स प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 153ए, 298 और 505 के तहत FIR दर्ज करवाना चाहते हैं। जी दरअसल अपनी शिकायत में विनीत जिंदल ने लिखा, 'इस फिल्म में दिखाया गया है कि एक मेंटली चैलेंज्ड शख्स को कारगिल युद्ध में लड़ने के लिए भारतीय सेना में भर्ती कर लिया जाता है। यह बात सभी जानते हैं कि कारगिल के युद्ध को लड़ने के लिए भारत के बेस्ट जवानों को भेजा गया था। कड़ी ट्रेनिंग के बाद सेना के इन जवानों ने यह युद्ध लड़ा था। लेकिन फिल्म के मेकर्स ने जानबूझकर इस सिचुएशन को भारतीय सेना को बदनाम करने वाला बनाया है।'

इसके अलावा वकील ने यह भी दावा किया है कि, 'फिल्म में एक सीन है जहां पाकिस्तान का एक सैनिक लाल सिंह चड्ढा के किरदार से कहता है- 'मैं नमाज पढ़ता हूं और दुआ करता हूं, लाल, तुम ये क्यों नहीं करते हो?' इसपर लाल सिंह चड्ढा जवाब देता है- 'मेरी मां कहती है ये सब पूजा पाठ मलेरिया है। इससे दंगे होते हैं।' इसके अलावा शिकायत में इसे लेकर कहा गया है कि 'फिल्म में यह कहा जाना ना सिर्फ लोगों को उकसाता है बल्कि 'बड़े पैमाने पर हिन्दुओं की भावनाओं पर चोट करता है।' इसके अलावा शिकायत में आगे कहा गया है कि भारत के संविधान में सभी को अपनी बात कहने की इजाजत है। लेकिन इस अधिकार का मिसयूज करना गलत है और देश के सम्मान और शांति के लिए यह खतरा है। साथ ही यह स्टेटमेंट समुदाय और धर्म के आधार पर देश के नागरिकों को उकसाता है और देश की सुरक्षा पर आंच लाता है।

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