बिहार में शराबबंदी के बाद पर एक साल में 44 हज़ार से अधिक लोग भेजे गए जेल

पटना/बिहार। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इन दिनों देशभर में सराहना की जा रही है। यह सराहना शराबबंदी को लेकर की जा रही है। बिहार में जिस मुस्तैदी के साथ शराबबंदी की गई उसे लेकर सभी के बीच चर्चा है। मिली जानकारी के अनुसार राज्य में एक वर्ष में ही शराबबंदी को लेकर जो कार्रवाई की गई उसमें 514639 लीटर विदेशी, 310292 लीटर देशी शराब और 11371 बीयर जब्त की गई। इतना ही नहीं राज्य में मद्यनिषेध कानून को सख्ती से लागू करवाया गया।

बिहार के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के अनुसार बीती 5 अप्रैल से लेकर 31 मार्च तक पूर्ण शराबबंदी के एक वर्ष में 514639 लीटर विदेशी, 310292 लीटर देशी शराब और 11371 लीटर बीयर पकड़ी गई। शराबबंदी को सफल बनाने के लिए जहां कैंपेनिंग की गई वहीं पुलिस की सख्ती भी रही। बिहार में ताड़ी को पूर्णरूप से प्रतिबंधित नहीं किया गया मगर इसका विक्रय भी कम हुआ।

वर्ष 1991 के नियम का उल्लंघ्न करने पर बीते एक वर्ष में 10217 ताड़ी की जब्ती हुई। मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 2127 छापेमारी की गई। ऐसे में 439 लोगों को पकड़ा गया। बड़े पैमाने पर लोगों को शराबबंदी से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करने के कारण जेल जाना पड़ गया। शराबबंदी के अभियान में राज्य में महिलाओं की भी भागीदारी रही। गौरतलब है कि राज्य में बड़े पैमाने पर मानवश्रृंखला बनाकर अभियान चलाया गया था।

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