काले हिरण को लेकर अनशन करने वाले बाबा की बिगड़ी तबियत

खरगोन : वन विभाग ने उज्जैन में लगे सिंहस्थ मेले में पहुंचे महाराष्ट्र के ऐलोरा के संत के पास से काला हिरण पकड़ा है। दरअसल यह चिंकारा प्रारंभ से ही संत नीलगिरी महाराज के पास था लेकिन सिंहस्थ के आयोजन के दौरान वापस लौटते समय इसे वन विभाग ने पकड़ लिया। इस मामले में न्यायालय में सुनवाई हुई और न्यायालय ने इस चिंकारा को इंदौर स्थित चिड़ियाघर भेजने का आदेश दे दिया। इसके बाद से ही संत नीलगिरी महाराज ने अन्न - जल त्यागकर अनशन प्रारंभ कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह चिंकारा उनके साथ ही रहता है। यह उनके बच्चे जैसा है जब तक इसे अपने साथ नहीं ले जाने दिया जाएगा तब तक वे अनशन करेंगे। हिरण और महाराज को वन विभाग ने अपनी कस्टडी में वन विभाग के रूद्राक्ष क्षेत्र में विचरण कर रहा था। बाबा नीलगिरी जूना अखाड़े के संत हैं उनका सिंहस्थ के दौरान नागा संस्कार हुआ था। वे कार से वापस लौट रहे थे कि रास्ते में उनकी कार को रोककर हिरण को वन विभाग ने कब्जे में ले लिया।

बाबा द्वारा कहा गया कि यदि चिड़ियाघर में इस हिरण को भेजा जाता है तो उन्हें भी चिड़ियाघर भेज दिया जाए। इस मामले में प्रथम श्रेणी न्यायाधीश निशिष खरे के न्यायालय के आदेश के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने हिरण को चिड़ियाघर भेजने की अनुमति भी मांगी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में हिरण अधिनियम की अनुसूची - 1 के तहत प्रकरण की सुनवाई हुई।

उल्लेखनीय है कि अनशन कर रहे बाबा नीलगिरी महाराज की तबियत बुधवार को दोपहर में खराब हो गई। वनकर्मियों ने बाबा को चिकित्सालय भेज दिया और उन्हें उपचार दिया गया। उन्होंने कहा कि हिरण उनके बच्चे जैसा है यदि वह चिड़ियाघर में मर जाता है तो वन विभाग जवाबदार होगा। वे बचपन से ही उसकी देखभाल कर रहे हैं।

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