ओवैसी चले बुंदेलखंड की ओर, UP में सपा को मिलेगी टक्कर

लखनऊ : आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और बिहार के बाद अब बुंदेलखंड में दस्तक देने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी बुंदेलखंड के मुस्लिम वोट बैंक को अपने कब्जे में लेने की तैयारी में है। उन्होंने अपनी नीतियों को लेकर कहा कि इसे मुसलमानों तक पहुंचाने के लिए पार्टी को यहां पर प्रसारित - प्रचारित करना प्रारंभ कर दिया है। हालांकि एमआईएम द्वारा बुंदेलखंड के 7 में से कुछ जिलों में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है, जिसे जल्द से जल्द संगठन का विस्तार कर इसे अस्तित्व में लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

यूं तो असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी पार्टी की शुरूआत उत्तरप्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में पंचायत चुनाव से की थी। अब पार्टी फिर से उत्तरप्रदेश में खुद को मजबूत करने की तैयारी में है। जिसमें यह कहा गया है कि इसका लाभ लेने के लिए पार्टी द्वारा पूर्वी और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के करीब 28 जनपदों के लिए अपनी तैयारी की गई है। दूसरी ओर पार्टी आने वाले वर्ष में करीब 80 विधानसभा सीट पर मुस्लिम वोट बैंक को तैयार करने के लिए अपना अभियान प्रारंभ कर दिया है।

कई दलों द्वारा समाज विरोधी होने का आरोप लगाया जाता रहा है। जिसमें यह कहा गया है कि मुस्लिमों को एक मंच पर लाने हेतु एमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओवैसी द्वारा उत्तरप्रदेश में जमकर कैंपेनिंग की जा रही है। ओवैसी की रणनीतियों के चलते सपा के वोट बैंक में सेंध लग सकती है। दूसरी ओर बिहार में भी एमआईएम के दाखिले से हलचल मच गई।

पहले ही जनता परिवार महागठबंधन से सपा अलग हो गई और अब एमआईएम के दाखिले से महागठबंधन का मुस्लिम वोट बैंक प्रभावित हुआ है। पार्टी बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों की करीब 24 सीटों पर अपना चुनाव लड़ रही है। माना जा रहा है कि ओवैसी की पार्टी एमआईएम बिहार चुनाव के परिणाम प्रभावित कर सकती है और विधानसभा में इसके प्रतिनिधी भी विधायक के तौर पर काबिज हो सकते हैं। 

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