70 और 80 के दशक में अपनी हॉरर मूवी से लोगों के दिल में डर पैदा कर देते थे श्याम रामसे

70 और 80 के दशक में आयीं हॉरर मूवीज के निर्देशक श्याम रामसे का देहांत आज से 2 वर्ष पूर्व यानी वर्ष 2019 को सितंबर माह की दिनांक 18 को हुआ था। 67 साल के श्याम रामसे न्यूमोनिया की बीमारी से जूझ रहे थे जिसके बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। श्याम इंडियन सिनेमा में हॉरर मूवीज के कारण से लंबे समय तक एक खास स्थान रखने वाले रामसे ब्रदर्स में से एक थे। रामसे ब्रदर्स ने 1970 और 1980 के दशक में कम बजट में हॉरर मूवी का निर्माण किया था जिसके बाद उन्हें बहुत ही सराहा गया था।

दो गज जमीन के नीचे: जी हां दो गज फिल्म की कहानी राजवंश नाम के एक साइंटिस्ट के इर्द-गिर्द घूमती है। राजवंश अंजलि नाम की एक लड़की से शादी कर लेता है लेकिन वो सिर्फ पैसों के लिए अपने पति का उपयोग करती है। अंजलि पैसों की खातिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर राजवंश की हत्या कर देती है।  जिसके उपरांत शुरू होता है असली हॉरर सीन।

बंद दरवाजा: इस मूवी को वर्ष 1990 में रिलीज़ किया गया था। इस मूवी का शैतानी हॉरर कई दर्शकों को डरा चुका है। इस मूवी में मनजीत कॉल, अरुणा ईरानी और चेतन दास अहम् रोल में नज़र आए थे। मूवी में ड्रैकुला जो दिन में अपनी नींद बंद ताबूत में सोता रहता है, और रात में खूनी चमगादड़ में बदल पड़ोस के गांव में इंसानों का शिकार करके उनका खून पी जाता था, उनकी इस मूवी ने लोगों के मन में आज भी अपना डर कायम रखा हुआ है।

पुराना मंदिर: इस मूवी की कहानी कुछ इस तरह थी कि 200 वर्ष पहले एक राजा को कपटी तांत्रिक श्राप दिया  गया था कि उनके परिवार में हर लड़की बच्चे को जन्म देते समय मौत का शिकार हो जाएगी। वहीं एक समय ऐसा आएगा जब वो भूत बनकर जिंदा हो जाएगा और हर किसी को मौत के घाट उतार देगा। उन दिनों इन हॉरर मूवी के पोस्टर भी काफी लोकप्रिय हुआ करते थे। सामरी के किरदार से सबसे बड़ा असर अनिरुद्ध अग्रवाल ने छोड़ा। यह रामसे बंधुओं की सबसे बड़ी हिट फिल्म 'पुराना मंदिर' का विलेन था, जो शैतान की पूजा करता था और इंसानों को खा लेता था।

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