चेहरे रिव्यु: ट्रेलर जितनी खास नहीं रही फिल्म, अमिताभ-इमरान का था दमदार अभिनय

फिल्म - चेहरे
कास्ट -  अमिताभ बच्चन, इमरान हाशमी, रिया चक्रवर्ती, अन्नू कपूर, क्रिस्टल डिसूजा
निर्देशक -  रुमी जाफरी
कहां देख सकते हैं - सिनेमाघरों में
रेटिंग -  2।5

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म चेहरे को देखने के लिए लोग बेताब थे। इस फिल्म में इमरान हाशमी भी है और फिल्म अब सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। आप सभी को बता दें कि इस कोर्टरुम ड्रामा फिल्म को रूमी जाफरी ने डायरेक्ट किया है। वहीँ अमिताभ बच्चन इस फिल्म के जरिये थ्रिलर-मिस्ट्री लेकर आए हैं। अब आइए जानते हैं कैसी है फिल्म चेहरे?

चेहरे में अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी के साथ रिया चक्रवर्ती, क्रिस्टल डिसूजा, अन्नू कपूर, सिद्धांत कपूर और धृतिमान चटर्जी सहित कई कलाकार अहम किरदार निभाते नजर आए हैं।

क्या है कहानी - चेहरे का ट्रेलर तो बड़ा ही शानदार था लेकिन फिल्म उससे काफी अलग है। फिल्म की कहानी शुरू होती है पहाड़ों से घिरे घर में रहने वाले रिटायर जज जगदीश आचार्य से। जो अक्सर अपने दोस्तों के साथ मिलकर महफिल सजाते हैं। जी हाँ और उनके दोस्त होते हैं रिटायर क्रिमिनल लॉयर लतीफ जैदी (अमिताभ बच्चन), रिटायर डिफेंस लॉयर परमजीत सिंह भुल्लर (अन्नू कपूर)। सभी बुजुर्ग साथ में मिलकर एक गेम खेलते हैं। इस गेम में वह एक केस को अदालत की तरह लड़ते हैं। इस पूरे मामले में खास बात ये है कि ये लोग मुल्जिम को फैसला सुनाने के साथ सजा भी देते हैं। जी हाँ और इस बार इनका मुल्जिम बनते हैं इमरान हाशमी। जी दरअसलइमरान हाशमी एक एड कंपनी के सीईओ हैं जो तूफान की वजह से वहां फंस जाते हैं और कुछ देर के लिए इनके पास आते हैं। इस कहानी में अमिताभ बच्चन अपने दोस्तों के साथ मिलकर इमरान हाशमी के साथ ये गेम खेलते हैं। गेम शुरू होने से पहले ही अमिताभ बता देते हैं कि हमारी अदालतों में जस्टिस नहीं जजमेंट होता है। लेकिन सजा से अंजान इमरान इस गेम को इतना सीरियसली नहीं लेते हैं। वह इस गेम को टाइमपास समझकर खेलना शुरू करते हैं लेकिन उसके बाद इमरान हाशमी का हाल क्या होता है, उनके साथ क्या होता है इसके लिए तो आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

कैसा है अभिनय- इस फिल्म से टीवी एक्ट्रेस क्रिस्टल डिसूजा ने बॉलीवुड में कदम रखा है। उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया। वहीं अमिताभ बच्चन, इमरान हाशमी और अन्नू कपूर की एक्टिंग भी शानदार है। इस फिल्म में रिया चक्रवर्ती भी नजर आईं हैं लेकिन उनके किरदार को सही से नहीं दिखाया गया।

कमजोर कड़ी - इस फिल्म की कहानी कमजोर थी और इसी के कारण दर्शकों का उत्साह धीरे-धीरे कम होने लगता है और फिल्म लंबी लगने लगती है।

क्यों देखें - अगर आपको कोर्टरुम ड्रामा देखना पसंद है तो आप फिल्म को देखने जा सकते हैं।

क्यों ना देखें - अगर आपको थ्रिलर-मिस्ट्री फिल्में पसंद नहीं हैं तो आप इस छोड़ सकते हैं।

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