भारत को मिली NSG और MTCR के रूप में बड़ी उपलब्धि

वॉशिंगटन : पांच देशों के दौरे पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका दौरे के प्रथम दिन ही एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. जी हाँ, बता दे कि अमेरिका न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) की सदस्यता के लिए अमेरिका ने भी भारत को समर्थन देने को लेकर हामी भर दी है.

इसके साथ ही यह भी सुनने में आया है कि भारत मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम यानी MTCR के सदस्य देशों में भी शामिल हो गया. यानि कि अब भारत अब आधुनिक मिसाइल से लेकर खतरनाक ड्रोन तक आसानी से सदस्य देशों से खरीद सकता है. बता दे कि इस कदम से भारतीय सेना में भी मजबूती आना है.

इस दौरान मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलकात हुई, जिसके बाद दोनों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. यहाँ मोदी के द्वारा NSG और MTCR में समर्थन के लिए ओबामा को धन्यवाद किया गया. मोदी ने इस दौरान ही यह भी कहा कि दोनों देशो को आगे बढ़कर साथ काम करना चाहिए.

सूत्रों से यह बात सामने आई है कि दोनों देश साइबर सुरक्षा पर साथ मिलकर काम को अंजाम देने वाले है. बताया जा रहा है कि यहाँ हुई अहम बैठक में परमाणु सहयोग जैसे मुद्दे पर भी चर्चा हुई है. बता दे कि आज प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले है. न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप के बारे में बताए तो यह 48 देशों का समूह है, जो परमाणु संबंधी चीजों के व्यापार को संचालित करने का काम करता है.

इस समूह का यह उद्देश्य है कि न्यूक्लियर मैटेरियल का उपयोग बिजली पैदा करने जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए होना चाहिए. लेकिन साथ ही यह भी बता दे कि भारत के MTCR का सदस्य बनने पर कुछ नियम है, जिनका पालन करना जरुरी है. जैसे अधिकतम 300 किलोमीटर से कम रेंज वाली मिसाइल बनाना ताकि हथियारों की होड़ को रोका जा सके.

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -