पुलवामा हमले में बचे जवान का छलका दर्द, कहा अपने साथियों के टुकड़े उठाना बेहद पीड़ादायक

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आत्मघाती आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए हैं। इस हमले में राजस्थान के एक 30 वर्षीय सीआरपीएफ जवान राजकुमार झाझरिया बाल-बाल बच गए, लेकिन उन्ही k राज्य के 5 दूसरे जवान इस हमले में वीरगति को प्राप्त हुए। राजकुमार सीआरपीएफ के काफिले में ही एक बस चला रहे थे। उनकी बस काफिले में उस बस से दो गाड़ी आगे थी जिसमें फियादीन हमला लिया गया था। 

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राजस्थान के सीकर जिले के निवासी राजकुमार पिछले तीन महीने से CRPF की ड्यूटी पर तैनात हैं। वे रुंधे हुए गले से बताते हैं कि, अपने दोस्तों के शरीर के क्षत-विक्षत अंगों को उठाना बेहद पीड़ादायक था। वे कहते हैं, 'यह उनके जीवन की सबसे भयावह याद रहेगी।' उल्लेखनीय है कि पुलवामा आतंकी हमले में राजस्थान के 5 जवान शहीद हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, काफिले में सवार ज्यादातर जवान छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटे थे। 

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अपने साथियों के जाने से गमगीन राजकुमार उस भयानक हमले को याद करते हुए कहते हैं कि, 'जिस बस में आतंकी हमला हुआ था, मैं उससे दो बस आगे की गाड़ी चला रहा था। हम सभी ने तेज धमाके की आवाज सुनी जबकि ठंड के कारण बस की खिड़कियां बंद थीं। मैं दावा कर सकता हूं कि धमाके की आवाज़ कई किमी दूर तक लोगों को सुनाई दी होगी।' 

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