इन लोगों को कभी भी न करें नमस्कार नहीं तो....

हिन्दू धर्म में बहुत से पुराणों का उल्लेख किया गया है जिसमे व्यक्ति के जीवन से जुड़े कई पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है यदि व्यक्ति पुराणों में दी गई वारों का उपयोग अपने जीवन में करता है तो वह जीवन में उत्पन्न कई समस्याओं से बच सकता है. आपने अपने जीवन में कई बार सुना होगा की नमस्कार में ही चमत्कार है अर्थात व्यक्ति के बहुत से कार्य केवल नमस्कार करने मात्र से ही हो जाते है किन्तु पुरानो के अनुसार कुछ व्यक्ति ऐसे होते है जिन्हें नमस्कार नहीं करना चाहिए.तो आइए जानते है किन व्यक्तियों को नमस्कार नहीं करना चाहिए.

नारद पुराण के अनुसार 

जो व्यक्ति ईश्वर को नहीं मानता या उनके बारे में अनुचित शब्दों का प्रयोग करता है वह व्यक्ति नास्तिक होता है यदि ऐसा व्यक्ति आपके सम्मुख आता है तो उसे नमस्कार नहीं करना चाहिए.

जो व्यक्ति किसी भी प्रकार की चोरी करता है या जिसे न्यायलय ने चोर करार दिया हो तथा जो अन्य व्यक्तियों को धोखा देकर अपना हित साधता हो ऐसे व्यक्ति को भी नमस्कार नहीं करना चाहिए.

किसी भी विक्षिप्त व्यक्ति,भागते हुए व्यक्ति,या किसी प्रकार का मन्त्र जाप करते हुए व्यक्ति को कभी भी नमस्कार करना नहीं चाहिए.ऐसे व्यक्ति को भी नमस्कार न करें जो शौंच आदि अपवित्र अवस्था में तल्लीन हो.

किसी सोये हुए व्यक्ति या उल्टी करते हुए व्यक्ति को भी नमस्कार नहीं करना चाहिएक्योकि वह आपके नमस्कार का उत्तर नहीं देते है.

कोई भी स्त्री जो अधिक क्रोध करती हो,अपने परिवार या पति से झगडती हो ऐसी स्त्री को भी नमस्कार नहीं करना चाहिए तथा उनसे दूर रहना चाहिए. जो व्यक्ति पूजा कर रहा हो, श्राध्द कर रहा हो यज्ञ आदि कार्य कर रहा हो ऐसे व्यक्ति को भी नमस्कार करना उचित नहीं होता है.

 

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