16 को लील गया डेंगू का दंश, नाकाफी साबित हो रहे सरकार के प्रयास

Sep 18 2015 11:49 AM
16 को लील गया डेंगू का दंश, नाकाफी साबित हो रहे सरकार के प्रयास

नई दिल्ली : इन दिनों दिल्ली डेंगू के दंश से परेशान है। अस्पताल मरीजों से पटे हैं तो लोग अपने परिजन के अच्छे स्वास्थ्य की चाहत में अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। यही नहीं बीमारी से मरने वालों की तादाद बढ़कर 16 तक पहुंच गई है। कई गंभीर रोगी अभी भी चिकित्सालय में उपचार ले रहे हैं। पीडितों की संख्या करीब 2000 के पार पहुंच गई है। ताज़ा स्थिति में डेंगू से पूर्वी दिल्ली में भी हाल बेहाल है। एक तरह से डेंगू दिल्ली राज्य के लिए महामारी का रूप ले रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार डेंगू से निपटने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चिकित्सकों की छुट्टियां केंसल कर दी हैं। हालात ये हैं कि हर कहीं मरीजों की भीड़भाड़ देखने को मिली है। स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार तरह तरह के प्रयास में लगी है। अब सरकार अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है। अस्पताल में आपात स्थिति में चिकित्सकों को कार्य करने के निर्देश दिए हैं। 

डेंगू से पूर्वी दिल्ली में एक छात्र की मौत हो गई तो वहीं दक्षिण दिल्ली के संगम विहार में 3 वर्षीय नेहा माथुर की भी मौत हो गई। मामले में निजी अस्पताल भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। मामले में सरकार द्वारा डेंगू को नियंत्रित करने के उपाय किए जा रहे हैं। दूसरी ओर इस समाचार को लिखे जाने के एक दिन पहले योग गुरू बाबा रामदेव ने डेंगू से बचने का अचूक उपाय निकाला है। उन्होंने गिलोय, पपीता और ग्वारपाटा अर्थात एलोयविरा के जूस के सेवन को डेंगू की औषधी के तौर पर लिए जाने की जानकारी दी।