इस प्रथा के नाम पर बच्चों को गाड़ दिया जाता है आधा, फिर..

भारत देश को आस्था और भक्ति के लिए जाना जाता हैं. लेकिन यहां पर लोग अन्धविश्वास में भी यकीन रखते हैं. वहीं प्रथा के नाम पर इन्हें बढ़ावा भी दिया जाता है. अपने कई सारे रिवाज और प्रथा के बारे में जाना होगा. आज हम कुछ और ऐसी ही प्रथा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपने सुनी तो होंगी ही साथ ही जानकर हैरानी भी हुई होगी. आज हम आपको देश की कुछ ऐसी ही मान्यताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो आस्था के नाम पर की जाती हैं. तो आइये जानते हैं देश में प्रचलित आस्था से जुडी अजीबोगरीब मान्यताओं के बारे में.

* बारिश के लिए मेंढकों की शादी
असम और त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में लोग बारिश के लिए मेंढकों की शादी कराते हैं. यहां ऐसी मान्यता है कि मेंढकों की शादी कराने से इंद्र देवता प्रसन्न होते हैं और उस साल भरपूर बारिश होती है.

* विकलांगता से बचाने के लिए बच्चों को गले तक गाडऩा 
उत्तरी कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़ी अजीब परंपरा है. यहां बच्चों को शारीरिक और मानसिक विकलांगता से बचाने के लिए उन्हें गले तक जमीन में गाड़ दिया जाता है. यह अनुष्ठान सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण शुरू होने के 15 मिनट पहले शुरू होता है.  

* खौलते दूध से बच्चों को नहलाना 
उत्तरप्रदेश में वाराणसी और मिर्जापुर के कुछ मंदिरों में ‘कराहा पूजन’ की अनोखी परंपरा है. यहां नवजात बच्चों को खौलते दूध से नहलाया जाता है और यह काम बच्चे का पिता ही करता है. बाद में वह खुद खौलते दूध से नहाता है. यह उत्सव मनाने के दौरान मंत्र और श्लोक भी पढ़े जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान प्रसन्न होकर बच्चे को अपना आशीर्वाद देते हैं. नवरात्रि पर भी ‘कराहा पूजन’ किया जाता है, जिसमें पुजारी खौलती खीर से नहाते हैं.

ऐसा त्यौहार जिसमे पुरुष किसी भी महिला को कर सकते हैं 'किस'

इस देश में बंद होने वाली हैं सभी जेलें, नहीं बचा एक भी अपराधी!

Video : ज़िंदा चूहे पर ऊगा सोयाबीन का पौधा

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -