ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला बंद होने से वीरान हुआ स्थानीय बाजार, पसरा सन्नाटा

Jul 30 2019 05:07 PM
ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला बंद होने से वीरान हुआ स्थानीय बाजार, पसरा सन्नाटा

ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला बंद होने से देश-विदेश के सैलानियों की ऋषिकेश में बेहद पसंदीदा जगह वीरान पड़ी हुई है. 15 जुलाई को प्रशासन ने झूला पुल को पूरे तरीके से बंद कर दिया है. इस वक़्त सिर्फ स्थानीय लोग और स्कूली छात्र-छात्राओं को ही इस पुलस से गुजरने की अनुमति है. लक्ष्मण झूला बंद होने से टिहरी गढ़वाल के तपोवन बाजार और पौड़ी गढ़वाल के लक्ष्मण झूला बाजार पर बेहद बुरा असर पड़ा है. आलम ये है कि अब छोटे कारोबारियों के लिए अपना गुजर बसर करना भी बहुत मुश्किल हो गया है. 

लक्ष्मण झूला पर इन दिनों काफी रौनक हुआ करती थी. कावड़ यात्रा चरम पर होने के बाद भी वर्तमान स्थिति में बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है. कावड़ यात्री के साथ ही पर्यटक भी भारी तादाद में यहां पहुचते थे. विदेशों पर्यटकों से भी लक्ष्मण झूले पर चहल पहल रहती थी. प्रशासन ने ना केवल झूला पुल पर पाबन्दी लगाई है, बल्कि बैराज से गरुडचट्टी पुल की ओर कावडियों के वाहनों को भी रोक दिया है. नतीजतन, कावडियों के वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे है. 

गत 40 वर्षों से लक्ष्मण झूला पुल पर रेहड़ी लगाकर अपना गुजर बसर कर रही पूनम वर्मा से करोबार के बारे में जब सवाल किया गया तो वो फफक फफक कर रो पड़ी. पूनम अपने पति के साथ गत 40 वर्षों से यहां रह रही है. 4 लड़कियों की जिम्मेदारी और ऊपर से लगभग डेढ़ लाख का लोन लेकर दूकान में सामान भरा था, ताकि कावड़ मेला में सामान बिक सके और उनकी कुछ आमदन हो सके, लेकिन उनके अरमानों पर पानी फिर गया.

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