जन्मदिन:अशोक की जिद ने बदली देव साहब की दुनिया

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता देव आनंद 26 सितम्बर 1923 को शकरगढ़ तहसील जिला पंजाब मे जन्मे और आज उनका 92वां जन्म दिवस है हालांकि 88 वर्ष की उम्र मे दुनिया को अलविदा कह गए थे लेकिन आज भी उनकी अदाकारी का जादू लोगो के दिलो पर छाया हुआ है। देव आनंद को फिल्मों में पहला ब्रेक  प्रभात स्टूडियो के बाबू राव पाई ने दिया था एक बार देव ने एक इंटरव्यू में बताया कि बाबू राव से मिलने के लिए वह परमिशन ना होने के बाद भी उनके ऑफिस में धड़ाधड़ाते हुए घुस गए और उनके सामने खड़े हो गए बाबू राव बस उन्हें देखते रहे कुछ ही वक्त बाद देव को प्रभात फिल्म्स की फिल्म "हम एक हैं" में रोल ऑफर हुआ बाद में देव को लोगों से पता चला कि बाबू राव ने उनके बारे में कहा था, "मैं उस लडक़े को बस देखता रहा और उसी वक्त मैंने इसे फिल्मों में लेने का मन बना लिया था,क्योंकि उसकी  स्माइल और आंखें बेहद खूबसूरत थीं।"

एक्टर बनने से पहले देव आनंद एक अकाउंटेंसी फर्म में 85 रुपए महीना की नौकरी कर रहे थे। एक्टिंग करने का शौक उन्हें चढ़ा फिल्म अछूत कन्या में अशोक कुमार को देखकर इंट्रेस्टिंग ये कि उन्हें पहला बिग ब्रेक देने वाले भी अशोक कुमार ही थे अशोक ने देव को स्टूडियो में टहलते देखा और फिल्म जिद्दी के लिए साइन कर लिया इस फिल्म ने देव के करियर की दिशा बदल दी चूंकि देव ने सुरैया के साथ अफसर, दो सितारे, सनम जैसी कई सुपरहिट फिल्में कीं इन सभी फिल्मों में क्रेडिट्स में सुरैया का नाम देव से पहले आता था, क्योंकि वह उनसे बड़ी स्टार मानी जाती थीं. प्रोड्यूसर्स का मानना था कि ये सारी फिल्में सुरैया की वजह से हिट हुई हैं ये बात देव साहब को कतई पसंद नहीं आई आनंद ने इस वक्त तक अहम मेल लीड वाला रोल ढूंढऩा शुरू कर दिया था जो उन्हें मिला जिद्दी में।

देव साहब अपने समय के मशहूर लेखक,निर्देशक और प्रोड्यूसर भी रहे उन्हे हमेशा सदाबहार अभिनेता के तौर पर जाना जाता था।वर्ष 2001 मे भारतीय सिनेमा की तरफ से उन्हे दादा साहब फाल्के पुरुस्कार और 2002 मे भारत सरकार की तरफ पद्म भूषण पुरुस्कार से नवाजा गया।

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