जिस श्रीलंका से दान में मिली हज़ारों आंखें.., उसी के नागरिक को पाकिस्तानियों ने जिन्दा जला डाला

कोलंबो: पाकिस्तान में श्रीलंकाई नागरिक प्रियंथा कुमारा की ज़िंदा जला कर मुस्लिम भीड़ द्वारा मार डालने मामला अभी भी चर्चाओं में है। इसे लेकर दोनों मुल्कों के बीच तनाव का माहौल है। श्रीलंकाई मृतक की पत्नी ने उन्हें निर्दोष बताते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। ईशनिंदा का इल्जाम लगा कर जिस तरह से श्रीलंका के प्रियंथा कुमारा को प्रताड़ित किया गया और उनकी हड्डियाँ तोड़ दी गईं, इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इन सबके बीच ये भी जानने योग्य है कि श्रीलंका के नेत्रदान का सबसे अधिक लाभ पाकिस्तान ही उठाता रहा है।

1967 से लेकर अब तक श्रीलंका की तरफ दान में दिए गए 35,000 कॉर्निया पाकिस्तानी नागरिकों को मिले हैं। डॉक्टर नियाज़ बरोही ने इस बारे में जानकारी दी है, जो पाकिस्तान के सबसे बड़े नेत्र रोग विशेषज्ञों (Ophthalmology) में गिने जाते हैं। वो पकिस्तान स्थित ‘श्रीलंका आई डोनेशन सोसाइटी’ के मेंबर भी हैं। किन्तु, इस घटना डॉक्टर बरोही बेहद दुःखी हैं, क्योंकि सियालकोट में हुई मॉब लिंचिंग की घटना ने उनके दिमाग पर काफ़ी गहरा प्रभाव डाला है। इस्लामी कट्टरपंथियों की इस करतूत का पूरे विश्व में विरोध हो रहा है।

उनका कहना है कि देश के कई लोगों जैसे वो भी दुःखी हैं, क्योंकि हमारा सिर शर्म से झुका हुआ है। कराची के मशहूर ‘स्पेनचेर आई हॉस्पिटल’ के प्रमुख रहे डॉक्टर बरोही ने अब तक कई कॉर्निया ट्रांसप्लांट करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया है कि श्रीलंका अब तक विश्व को 83,200 कॉर्निया दान में दे चुका है। इसमें सबसे अधिक लाभ पाकिस्तान को मिला है, क्योंकि श्रीलंका के कुल डोनेशंस का 40 फीसद प्राप्त हिस्सा पाकिस्तान को मिला है। ‘समा डिजिटल’ से बात करते हुए उन्होंने उक्त जानकारी दी है।

उन्होंने आँकड़े गिनाते हुए बताया कि 1967 से लेकर अब तक ‘श्रीलंका आई डोनेशन सोसाइटी’ ने पाकिस्तान को 35,000 कॉर्निया दान करें हैं। ये भी जानने योग्य बात है कि पाकिस्तान के ‘स्पेंसर आई हॉस्पिटल’ में देश का पहना कॉर्निया ट्रांसप्लांट हुआ था, जिसे डॉक्टर एमएच रिजवी ने किया था। ये कॉर्निया भी श्रीलंका ने ही दान दिया था। उन्होंने सियालकोट की घटना की निंदा करते हुए कहा कि श्रीलंका ने भले ही हमें दान में हजारों आँखें दी हों, मगर हम अपनी दृष्टि खो चुके हैं।

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