फाल्गुन मास में जरूर करें भगवान श्रीकृष्ण के बाल, युवा और गुरु स्वरूप की पूजा

आप सभी को बता दें कि हिंदू पंचाग के 12 महीनों में पहला महीना चैत्र और आखिरी माह फाल्गुन है और फाल्गुन मास में दो लोकप्रिय त्योहार आते हैं, जिन्हें देशभर में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इसी के साथ महाशिवरात्रि और होली इसी महीने में मनाए जाते हैं और इस मास का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है. कहते हैं बसंत ऋतु के आगमन के साथ ही ब्रज मंडल में फाग-महोत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और हिंदू वर्ष का अंतिम महीना होने के कारण इस माह में धार्मिक वार्षिकोत्सव आयोजित होते हैं.

ऐसे में फाल्गुन मास में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का महत्व बताया जाता है और भगवान श्रीकृष्ण के तीनों रूप बाल, युवा और गुरु कृष्ण की उपासना श्रेयस्कर है. कहते हैं और ज्योतिषों का मानना है कि संतान प्राप्ति के लिए श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करनी चाहिए. कहा जाता है प्रेम और आनंद के लिए भगवान श्रीकृष्ण के युवा स्वरूप की पूजा करनी चाहिए और ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति के लिए श्रीकृष्ण के गुरू स्वरूप की पूजा करनी चाहिए. इसी के साथ फाल्गुन द्वादशी को यदि श्रवण नक्षत्र युक्त हो तो इस दिन भगवान विष्णु के उपवास का विधान माना गया है और इस महीने में कृष्ण पक्ष अष्टमी को माता सीता की जयंती के रूप मनाया जाता है.

ज्योतिषों के अनुसार माने तो फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी को विजया एकादशी नाम से जाना जाता है और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और उपवास रखते हैं. कहते हैं फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव की आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि मनाते हैं और फाल्गुनी अमावस्या को दान पुण्य तर्पण के लिए विशेष फलदायी मानते हैं.

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