सामना ने साधा ओवैसी पर निशाना

मुंबई : भारत माता के जयकारों को लेकर विरोध की राजनीति में केंद्र बने एमाआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी को शिवसेना के विरोध का सामना करना पड़ा है। दरअसल शिवसेना ने अपने संपादकीय में यह प्रकाशित किया है कि ओवैसी इस्लाम को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। वे मुस्लिम समुदाय के रक्षक के तौर पर अपनी छवि बना रहे हैं लेकिन राष्ट्रद्रोह का कार्य कर रहे हैं।

इस तरह की संपादकीय में एमआईएम विधायक वारिस पठान को विधानसभा से निलंबित करने को लेकर भी ओवैसी ने जो विरोध किया है। उसकी भरी आलोचना है। ओवैसी के लिए संपादकीय में लिखा गया है कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। वारिस पठान के निलंबन को ओवैसी ने गलत बताते हुए इसे लोकतंत्र का अपमान करार दिया था।

इस तरह की संपादकीय में पठान को स्थायी तौर पर निलंबित करने के ही साथ चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने को लेकर भी लिखा गया है। सामना में लिखे संपादकीय में विधायक वारिस पठान को भी निशाने पर लिया गया है। जिसमें यह सवाल किया गया है कि जब दूसरे देशों में इस्लाम का अपमान होने लगता है तो वहां प्रदर्शन होने लगते हैं।

मगर जब भारत में इस्लामिक लोग ही इस्लाम का अपमान करते हैं तो फिर विरोध क्यों नहीं होता। यही नहीं संपादकीय में यह भी लिखा गया है कि सरकार प्रतिवर्ष हज को लेकर सब्सिडी देने में लगी रहती है। यदि नेताओं के स्टेचू पर किया जाने वाला खर्च व्यर्थ है तो फिर हज पर किया जाने वाला खर्च भी व्यर्थ होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि वारिस पठान ने कहा था कि भारत में नेताओं के स्टैच्यू बनाने पर पैसा क्यों खर्च किया जाता है। इस तरह के बयान पर सामना ने संपादकीय में टिप्पणी की थी। 

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