जानिए कैसे जलाए सुरक्षित पटाखे

दिवाली अर्थात "रोशनी का त्योहार" - यू तो भारत त्योहारों का देश है लेकिन दिवाली का त्यौहार देशभर मे धूमधाम से मनाया जाता है. हिन्दू धर्म मे दिवाली को सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है. दिवाली के दिन घर मे माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. साथ ही घर मे ढेरो मिठाईया और पकवान बनाये जाते है लेकिन, बच्चो को तो सिर्फ दिवाली पर पटाखे फोड़ने मे ही दिलचस्पी होती है. उनकी सोच के मुताबिक दिवाली का त्योहार पटाखे जलाने के लिए ही होता है लेकिन बच्चो की एक लापरवाही के चलते इस पर्व का मजा किरकिरा हो सकता है. वैसे तो हर बार दिवाली के त्योहार पर पटाखे जलाते समय बहुत से लोगो के जल जाने की शिकायत आती है. साथ ही पटाखों से हुए पॉल्यूशन, आँखों मे जलन, दम घुटने, हार्ट अटैक और कान बंद होने जैसी दिक्कतों का भी लोगो को सामना करना पड़ता है. इसलिए आज हम आपको सुरक्षित और सेहतमंद दिवाली मनाने का तरीका बता रहे है.

पटाखों से जलना -

ज्यादातर बच्चे दिवाली पर पटाखे जलाते समय जलने का शिकार होते है. जलना भी दो तरह से होता है एक तो सुपरफिशल बर्न जिसमे जलने के बाद दर्द और छाला हो जाता है दूसरा होता है डीप बर्न जिसमे शरीर का जला हिस्सा सुन्न हो जाता है. अगर जले हुए हिस्से पर दर्द हो रहा है तो इसका मतलब हालत गंभीर नहीं है. ऐसे मे जले हुए हिस्से को पानी की धार के नीचे तब रखे जब तक जलन कम ना हो. इससे न सिर्फ दर्द कम होगा बल्कि छाले भी नहीं होंगे.

जलने पर उपाय-

एक और खास बात जले हुए हिस्से पर बरनॉल ना लगाए बल्कि उस पर ऑलिव ऑयल लगाएं. और इसके बाद भी अगर लगातार दर्द हो रहा हो तो तुंरत डॉक्टर के पास जाये. अक्सर लोग पटाखे से जल जाने पर बरनॉल, नीली दवा, स्याही, पेट्रोल आदि वगैरह लगा लेते है जिससे उस वक़्त तो जलन ख़त्म हो जाती है लेकिन ये सब लगाने से जला हुआ हिस्सा रंगीन हो जाता है जिससे डॉक्टर को पता नहीं चल पता कि किस तरह का जला हुआ है.

इस तरह से जलाये पटाखे-

- हमेशा खुले मैदान या स्थान पर ही पटाखे जलाये.

- पटाखे जलने से पहले आसपास देख ले कि कोई आग फैलाने वाली या फौरन आग पकड़ने वाली चीज तो नहीं है.

- जितनी दूर तक पटाखों की चिनगारी जा सकती है, उतनी दूरी तक छोटे बच्चों को न आने दें.

- पटाखा जलाने के लिए स्पार्कलर, अगरबत्ती अथवा लकड़ी का इस्तेमाल करें ताकि पटाखे से आपके हाथ दूर रहें और       जलने का खतरा न हो.

- रॉकेट जैसे पटाखे जलाते वक्त यह तय कर लें कि उसकी नोक खिड़की, दरवाजे और किसी खुली बिल्डिंग की तरफ न      हो, यह दुर्घटना की वजह बन सकता है.

- पटाखे जलाते वक्त पैरों में जूते-चप्पल जरूर पहनें.

- हमेशा पटाखे जलाते वक्त अपना चेहरा दूर रखें.

- अकेले पटाखे जलाने के बजाय सबके साथ मिलकर एंजॉय करें ताकि आपात स्थिति में लोग आपकी मदद कर सकें.

- कम से कम एक बाल्टी पानी भरकर नजदीक रख लें.

- किसी भी बड़ी आग की शुरुआत एक चिनगारी से होती है, ऐसे में आग की आशंका वाली जगह पर पानी डालकर ही        दूर जाएं.

पटाखे जलाते समय ऐसा बिल्कुल न करें-

- नायलॉन के कपड़े न पहनें, पटाखे जलाते समय कॉटन के कपड़े पहनना बेहतर होता है.

- पटाखे जलाने के लिए माचिस या लाइटर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि इसमें खुली फ्लेम होती है, जो कि            खतरनाक हो सकती है.

- रॉकेट जैसे पटाखे तब बिल्कुल न जलाएं, जब ऊपर कोई रुकावट हो, मसलन पेड़, बिजली के तार आदि.

- पटाखों के साथ एक्सपेरिमेंट या खुद के पटाखे बनाने की कोशिश न करें.

- सड़क पर पटाखे जलाने से बचें.

- एक पटाखा जलाते वक्त बाकी पटाखे आसपास न रखें.

- कभी भी अपने हाथ में पटाखे न जलाएं, इसे नीचे रखकर जलाएं.

- कभी भी छोटे बच्चों के हाथ में कोई भी पटाखा न दें.

- कभी भी बंद जगह पर या गाड़ी के अंदर पटाखा जलाने की कोशिश न करें.

 

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