सचिन ने दिया वन डे मैच के नियमों को बदलने पर जोर

दिग्गज भारतीय खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर वनडे में मौजूदा नियमों को बदलने की बात पर जोर दिया है. कई लोगों का मानना है कि वनडे में मौजूदा नियम बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा हैं. इस समय वनडे में एक पारी दो नयी गेंदों से खेली जाती हैं. हर छोर से एक अलग गेंद का उपयोग किया जाता है. हर पारी को तीन पावरप्ले में बांटा जाता है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने मंगलवार को प्रशंसकों को हिंदुस्तान की महान सलामी जोड़ी सचिन तेंदुलकर व सौरव गांगुली के बारे में याद दिलाया. इन दोनों ने वनडे में 176 साझेदारियां की हैं. इस दौरान इन दोनों ने 47.55 की औसत से 8227 रन बनाए. आइसीसी ने इन दोनों के आंकड़े अपने ट्विटर पर डाले व लिखा कि वनडे में किसी व जोड़ी ने 6000 से ज्यादा का आंकड़ा पार नहीं किया है. सचिन तेंदुलकर ने इस ट्वीट के जवाब में लिखा कि अगर यह दोनों मौजूदा नियमों के साथ खेल रहे होते तो इससे भी ज्यादा रन बनाते. गांगुली ने जवाब दिया कि 4000 व रन. इसके बाद भारतीय टीम के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी इसमें शामिल हुए व उन्होंने लिखा कि आराम से कुछ व हजार रन बन जाते. कितने बेकार नियम हैं। बल्ले व गेंद में सुंतलन बनाए रखने के लिए आइसीसी में गेंदबाजों की जरूत है.

उन्होंने बोला कि जब टीम 260/270 बनाती थीं तो मैच ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाता था व आज के दौर में हर कोई 320/330 का स्कोर बना रहा है व इतना लक्ष्य हासिल भी कर रहा है. हरभजन के ट्वीट पर सचिन ने बुधवार को जवाब दिया व लिखा कि आपसे सहमत हूं भज्जी. मुझे भी लगता है कि नियम व पिचों पर ध्यान देना चाहिए. सचिन लंबे समय से वनडे में दो नयी गेंदों के आलोचक रहे हैं. उनका मानना रहा है कि इससे गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग नहीं मिलेगी.

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