अगर ये लड़की न होती तो कभी नहीं होती ऋषि कपूर-नीतू कपूर की शादी

बॉलीवुड में अपने बेहतरीन अभिनय से सभी का दिल जीतने वाले ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) भले ही हमारे बीच नहीं हैं लेकिन वह लोगों के दिलों में मौजूद हैं। वहीं उनकी पत्नी नीतू कपूर (Neetu Kapoor) उन्हें भुला नहीं पाई है। इस कपल की प्रेम कहानी बहुत बेहतरीन रही है। जी दरअसल पहली नजर में 14 साल की नीतू सिंह को दिल देने वाले ऋषि कपूर के अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि वो अपने माता-पिता से उनके बारे में बात कर पाते, हालाँकि उनकी बहन की वजह से ऋषि कपूर ने 22 जनवरी 1980 को नीतू सिंह से शादी कर ली। अब हम आपको बताने जा रहे हैं इन दोनों की प्रेम कहानी। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू सिंह की पहली फिल्म 'जहरीला इंसान' थी और इस फिल्म में काम करते हुए दोनों एक-दूसरे के दोस्त बन गए। उस समय नीतू 14 साल की थीं और पहली ही नजर में ऋषि कपूर को नीतू सिंह से प्यार हो गया।

जी हाँ, इस बारे में एक टीवी रिएलिटी शो के दौरान ऋषि कपूर ने बताया था। उन्होंने कहा था साल 1974 में 'जहरीला इंसान' की शूटिंग के दौरान मेरी गर्लफ्रेंड से लड़ाई हो गई थी, जिसकी वजह से मैं अपसेट था। उस समय नीतू सिंह ने मुझे मानने के लिए मेरी मदद की और उन्होंने टेलीग्राम लिखने में मेरी सहायता की। हालाँकि मेरी गर्लफ्रेंड नहीं मानी और वक्त के साथ मैं अपनी गर्लफ्रेंड को भूलने लगा था और फिर मुझे एहसास हुआ कि मैं नीतू से प्यार करता हूं। वो मेरे लिए परफेक्ट हैं। मूवी की शूटिंग के बाद मैं दूसरे प्रोजेक्ट के सिलसिले में यूरोप चला गया लेकिन वहां मेरा मन नीतू के बिना नहीं लग रहा था। मैंने वहां से कई टेलीग्राम नीतू को भेजे और जब मैं मूवी की शूटिंग करके इंडिया आया तो सबसे पहले मैंने नीतू के सामने अपने प्यार का इजहार किया। यहीं से हमारी प्रेम कहानी शुरू हो गई। ऋषि कपूर अपनी जीवनी 'खुल्लम खुल्ला' में लिखा है कि अगर उनकी बड़ी बहन रितु नहीं होती तो वो अपने प्यार को अगले पड़ाव पर नहीं ले जा पाते।

अभिनेता ने अपनी जीवनी में लिखा है कि, 'वो नीतू के बारे में वो अपने पिता राज कपूर और मां से बताने में हिचकिचाते थे। लेकिन राज कपूर अपने बेटे ऋषि के प्यार के बारे में जानते थे। उनकी बहन रितु को भी ये बात पता थी। पूरी दुनिया को हमारे प्यार के बारे में पता था। लेकिन मैं अपने परिवार को इसके बारे में नहीं बता पा रहा था। मुझे यह भी नहीं पता था कि मैं शादी के लिए तैयार हूं या नहीं। मैं 27 साल का था और अभी भी अपने माता-पिता के साथ चेंबूर में रह रहा था। शादी के बाद मैं अपने करियर को लेकर भी आशंकित था। शादी करने के बाद क्या अभिनेता के रूप में मेरा करियर ज्यादा चल पाएगा। इसे लेकर मैं सोच में था। मुझे अक्सर लगता है कि मैं नीतू से कभी शादी नहीं की होती या हमारी शादी बहुत बाद में होती अगर मेरी बहन रितु नहीं होती।'

अपनी जीवनी में ऋषि ने बताया कि, 'रितु ने अपने परिवार की एक सगाई समारोह में शामिल होने के लिए मुझे दिल्ली बुलाया था। वहां पर उसने मेरी सगाई नीतू से कराने की साजिश रची थी। दिल्ली में ऋषि कपूर की सगाई नीतू से हो गई। जब वो वापस लौटे तो उनके उंगली पर एक अंगूठी थी। मुझे नहीं पता था कि रितु मेरे दोस्तों गोगी (फिल्म निर्माता रमेश बहल) और रवि मल्होत्रा ​​​​(करण जौहर की 2012 की फिल्म अग्निपथ के युवा निर्देशक करण मल्होत्रा ​​के पिता) के साथ साजिश रच रही थी और योजना बना रही थी।' वहीं उन्होंने यह भी लिखा कि दिलीप कुमार ने इसकी भविष्यवाणी एयरपोर्ट पर ही कर दी थी।

अपनी किताब में ऋषि ने लिखा है- 'जब मैं मुंबई एयरपोर्ट पर अपनी उड़ान का इंतजार कर रहा था तब वहां मुझे सायरा बानो और दिलीप कुमार मिले। उन्होंने मुझसे पूछा कि कहां जा रहे तो मैंने कहा कि एक सगाई में शामिल होने जा रहा हूं। तब दिलीप साहब ने मजाक में कहा कि मुझे बेवकूफ मत बनाओ क्या आप वहां अपनी सगाई करने जा रहे हैं। ये बात वाकई सच साबित हुई।' आप सभी को बता दें कि शादी के बाद नीतू कपूर को दो बच्चे हुए जिनके नाम रणबीर कपूर और रिद्धिमा कपूर हैं।

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