जानिए कब है आश्विन मास का प्रथम सोम प्रदोष व्रत?

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत की खास अहमियत होती है। ये दिन महादेव श्रद्धालुओं के लिए बेहद अहम होता है। प्रदोष व्रत का दिन महादेव को समर्पित होता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, प्रत्येक महीने की कृष्ण तथा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत के फल तथा नाम हफ्ते के मुताबिक होता है। प्रथा है कि प्रदोष काल में महादेव की उपासना करने से आपकी सभी इच्छाएं पूरी होती है। वही इस बार आश्विन मास का प्रदोष व्रत सोमवार को आ रहा है इसलिए उस दिन को सोम प्रदोष व्रत बोला जाएगा। सोमवार का दिन महादेव को समर्पित होता है। इसलिए ये सोम प्रदोष व्रत बहुत लाभदायक माना जाएगा। इस दिन महादेव तथा माता पार्वती की पूजा अर्चना होती है। आइए जानते हैं सोम प्रदोष व्रत के दिन पूजा पाठ करने के लिए कौन सा वक़्त शुभ है।

सोम प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त:-
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी का प्रदोष व्रत 04 अक्टूबर 2021 को है। इस दिन सोमवार का दिन आ रहा है। आश्विन मास की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 03 अक्टूबर रविवार की रात को 10 बजकर 29 मिनट से होगी। आश्विन मास की त्रयोदशी तिथि समाप्त 04 अक्टूबर 2021 को सोमवार रात 09 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। सोम प्रदोष व्रत का प्रदोष काल में करना उत्तम होता है। प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त- 04 अक्टूबर शाम को 06 बजकर 04 मिनट से रात 08 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

सोम प्रदोष व्रत का महत्व:-
सोम प्रदोष व्रत का दिन महादेव को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से महादेव तथा माता पार्वती की उपासना करते हैं। इस उपवास को करने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं तथा अपने श्रद्धालुओं की इच्छाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन व्रत करने से धन एवं यश का फायदा होता है। इसके अतिरिक्त इस दिन चंद्रमा की पूजा करना चाहिए। इस दिन पूजा करने से चंद्र ग्रह से जुड़े दोष से निजात पा सकते हैं।

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