मलेरिया के इलाज की खोज के लिए तीन लोगों को मिलेगा नोबल पुरस्कार

Oct 05 2015 09:32 PM
मलेरिया के इलाज की खोज के लिए तीन लोगों को मिलेगा नोबल पुरस्कार

स्टॉकहोम: खबर है की सोमवार को एक आधिकारिक एलान के तहत 2015 के मेडिसिन फिल्ड में दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है. आने वाले 10 दिसंबर को तीन लोग जिनके नाम इस प्रकार है, आयरलैंड के विलियम कैम्पबेल, चीन के यूयू तु व जापान के सतोशी ओमुरा को नोबेल पुरस्कार के रंगारंग कार्यक्रम में गोल्ड मेडल व अलग अलग डिप्लोमा के साथ इन तीनो को 9.60 लाख डॉलर (करीब 6 करोड़ रुपए) की प्राइज मनी शेयर करेंगे।

बता दे की 30 दिसंबर 1930 में जन्मीं प्रोफेसर यूयू तु चीनी मेडिकल वैज्ञानिक हैं. उन्होंने मलेरिया जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए आर्टेमिसिनिन व डीहाइड्रोआर्टेमिसिनिन जैसी दवा की खोज की थी जिसके द्वारा इस दवाई से अनगिनत लोगो की जान बचाई जा सकी.

उसी तरह से दूसरे नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले है 1935 में जापान में जन्मे प्रोफेसर सतोशी ओमुरा जो की जापानी माइक्रो बायोलॉजिस्ट हैं. प्रोफेसर सतोशी ओमुरा ने मलेरिया जैसी बीमारी में कारगर आर्टेमिसिनिन व डीहाइड्रोआर्टेमिसिनिन जैसी दवा की महत्वपूर्ण खोज से पहले मिटटी के नमूनो में माइक्रोब्स पर स्टडी की थी. वहीं तीसरे वैज्ञानिक है आयरलैंड में 1930 में जन्में प्रोफेसर विलियम कैम्पबेल जो की पैरासाइट बायोलॉजी के ज्ञाता है.

वर्तमान में प्रोफेसर विलियम कैम्पबेल न्यू जर्सी के ड्रयू यूनिवर्सिटी में रिसर्च फेलो हैं. प्रोफेसर विलियम कैम्पबेल ने 1952 के दौरान डबलिन में स्थित ट्रिनिटी कॉलेज में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया था. आपको बता दे की मेडिसिन में नोबेल जीतने वाली 13वीं महिला है यूयू तु.