'सूर्य-स्पर्श' की पार्कर थ्योरी पर इसी खगोलशास्त्री को था भरोसा

'सूर्य-स्पर्श' की पार्कर थ्योरी पर इसी खगोलशास्त्री को था भरोसा

वाशिंगटन डीसी : नासा ने सूर्य स्पर्श के लिए अपने पहले अंतरिक्षयान को रविवार के दिन ही लॉन्च कर दिया है जिसमें भीषण तापमान वाले इस सूर्य तक पहुँचने वाले यान को भौतिकशास्त्री यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया जिसे Parker Solar Probe कह रहे हैं. जब ऐसी थ्योरी असल में लागू हो जाती है तब इस पर सभी को यकीन होता है लेकिन तब तक इस पर कोई यकीन नहीं करता. लेकिन 60 साल पहले भौतिकशास्त्री यूजीन पार्कर की थ्योरी पर किसी को यकीन नहीं था उन्होंने उस समय कहा था कि सौर तूफान का अस्तित्व होता है.

‘सूर्य स्पर्श’ के लिए नासा का ऐसा होगा अंतरिक्षयान

इस थ्योरी को लेकर जब बात की जा रही थी तब अमेरिकी खगोलशास्त्री और एस्ट्रोफिजिकल जर्नल के तत्कालीन वरिष्ठ संपादक सुब्रमण्यम चंद्रशेखर को ही पार्कर की इस थ्योरी पर भरोसा था. उन्होंने इस पर विश्वास करते हुए एक शोधपत्र भी जारी किया था. खास बात तो ये है कि इसी शोधपत्र के आधार पर नासा ने पार्कर प्रोब को सूर्य के अध्ययन के लिए प्रक्षेपित किया. साल 1958 में पार्कर ने ये भी कहा था कि सूर्य से लगातार चार्ज्ड पार्टिकल्स निकलकर अंतरिक्ष में फैल रहे हैं जिस पर किसी ने विश्वास नहीं दिखाया और उन वैज्ञानिकों को ये लगता था कि अंतरिक्ष पूरी तरह से खाली है.

सुब्रमण्यम चंद्रशेखर के शोधपत्र को पार्कर ने एस्ट्रोफिजिकल जर्नल को सौंपा था जिसे दो बार अलग-अलग समीक्षकों ने खारिज भी कर दिया गया था. इस बात की जानकारी भारतीय विज्ञान व शोध संस्थान में सहायक प्रोफेसर दिब्येंदु नंदी ने दी थी. चंद्रशेखर को 1983 में भौतिक शास्त्र का नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था. बता दें, स्पेसक्राफ्ट निकल चुका है जो नवम्ब्र में सूर्य के कक्षों तक पहुँच पायेगा.

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