कब है मार्गशीर्ष अमावस्या? जानिए इसकी पूजा विधि

मार्गशीर्ष मास भक्ति एवं समर्पण से भरा होता है। इस मास में प्रभु श्रीकृष्ण की खास अहमियत होती है। इस मास में प्रभु श्रीकृष्ण की खास अहमिया होती है। भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण स्वयं बोलते हैं कि वे समस्त मासों में मार्गशीर्ष मास हैं। इस व्रत को करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विष्णु पुराण के मुताबिक, इस व्रत को करने से ब्रह्मा, इंद्र, रुद्र, अश्विनी कुमार, सूर्य, अग्नि, पक्षी, पशु एवं दुष्टों समेत सभी देवी-देवता इस व्रत को करने से मृत पूर्वजों को खुश किया जा सकता है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष अमावस्या की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि...

मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि एवं शुभ मुहूर्त:-
मार्गशीर्ष अमावस्या की तिथि: 23 नवंबर 2022, बुधवार
अमावस्या तिथि आरंभ: 23 नवंबर 2022, बुधवार, प्रातः 06:56 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त: 24 नवंबर 2022, गुरुवार, प्रातः 04:29 मिनट पर 
स्नान-दान का शुभ मुहूर्त: प्रातः 06:56 से लेकर प्रातः 08:01 मिनट तक

मार्गशीर्ष अमावस्या योग;- 
शोभन योग:   22 नवंबर, सायं 06:37 मिनट से 23 नवंबर दोपहर 03:39 मिनट तक
अतिगण्ड योग: 23 नवंबर,दोपहर 03:39 मिनट से 24 नवंबर,दोपहर 12:19 मिनट तक
अमृत काल: 23 नवंबर, दोपहर 01: 24 मिनट से दोपहर 2:53 मिनट तक

मार्गशीर्ष अमावस्या पूजा विधि:-
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, पितरों के तर्पण के लिए इस अमावस्या की बेहद अहमियत है। 
मान्यता है कि इस दिन पितरों का पूजन एवं व्रत रखने से पितरों का आशिर्वाद प्राप्त होता है।
प्रातः जल्दी उठे एवं किसी पवित्र नदी में स्नान करें एवं फिर सूर्य को अर्घ्य दें। 
तत्पश्चात, जल में काला तिल मिलकर उसे नदी में प्रवाहित करें। 
प्रभु श्री विष्णु एवं महादेव की पूजा करें। 
इस दिन व्रत रखने वाले को दिन में जल नहीं ग्रहण करना होता है। 

MP में हिन्दुओं को बनाया जा रहा पादरी और मुस्लिम, 10 पर दर्ज हुई FIR

भारत में लोगों का धर्मान्तरण कराने के लिए फंडिंग कर रहा Amazon ?

जबरन धर्मान्तरण रोकने के लिए क्या कर रहे हो ? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से माँगा जवाब

न्यूज ट्रैक वीडियो

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -