मलयेशियन विमान क्रैश सोची समझी साजिश-रिपोर्ट

कुआलालंपुर: मलयेशियन विमान एमएच-370 जो रहस्यमयी तरीके से गायब हो जाने के बाद मामले की जांच में लगी सेफ्टी एक्सपर्ट की टीम ने दावा किया है कि विमान के पायलट ने उसे जानबूझकर क्रैश करवाया था. इस बड़े खुलासे के बाद सभी सकते में आ गए है. एक्सपर्ट्स के पैनल में उस शख्स को भी शामिल किया गया था जिसने इस विमान की खोज में अपने जीवन के दो साल लगा दिए. बता दें कि 8 मार्च 2014 को कुआलालंपुर से पेइचिंग जा रहा मलयेशियन एयरलाइंस का यह विमान बीच रास्ते में ही गायब हो गया था. विमान में 239 यात्री सवार थे. इस विमान को ढूंढने के लिए 1000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, मगर अभी तक इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है. हां, विमान के कुछ अवशेष हिंद महासागर के पास जरूर मिले थे.

खबरों के मुताबिक, इस जांच के प्रमुख मार्टिन डोलन हैं. उनका कहना है कि यह सब सोची-समझी साजिश थी, जिसके लिए पूरी प्लानिंग हुई थी. एक्सपर्ट मानते हैं कि फ्लाइट के पायलट कैप्टन जाहरे (53) ने जानबूझकर अपने साथ ऐसे पायलट को रखा था जिसके पास 777 फ्लाइट (दो इंजन वाला बड़ा प्लेन) उड़ाने का कोई अनुभव नहीं था. डोलन के मुताबिक, उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं जिससे साफ होता है कि जाहरे ने फ्लाइट सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर उसे मार्ग से भटकाया था.
 
कनाडा के एयर क्रैश इन्वेस्टिगेटर का मानना है कि जाहरे फ्टाइट को क्रैश करने से पहले उससे निकल गए होंगे. उनका कहना है कि जाहरे प्लेन को क्रैश करने से पहले जानबूझकर ऐसी जगह लेकर गए थे जहां हवा का दबाव कम था. वहां जाकर उन्होंने खुद ऑक्सीजन मास्क लगाया होगा और बाकी यात्री बेहोश हो गए होंगे.जाहरे ने ऐसा क्यों किया होगा इस बारे में एक्सपर्ट फिलहाल कुछ नहीं कहते, हालांकि, वह किसी आतंकी साजिश से इंकार करते हैं. उनका मानना है कि अगर ऐसा होता तो अबतक कोई संगठन इसकी जिम्मेदारी ले चुका होता.

 

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