महाकाल मंदिर: 600 कारीगर तैयार कर रहे शिव गाथा, नजर आएंगी महादेव से जुड़ी कहानियां

उज्जैन: रुद्रसागर के समीप चल रहे कार्यों में अब रफ़्तार नजर आने लगी है जिसमे कई बड़ी प्रतिमाओं का निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें से कई प्रतिमाओं को महाकाल कॉरिडोर व अन्य स्थानों पर लगाया जा चुका है। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में पिछले एक साल से निरंतर चल रहे 800 करोड़ रुपए से ज्यादा के कार्य अब आहिस्ता-आहिस्ता धरातल पर नजर आने लगे हैं।

प्रभु श्री गणेश की नृत्य करती प्रतिमा:-
महाकालेश्वर मंदिर में स्मार्टसिटी योजना के तहत बनने वाले महाकाल कॉरिडोर में महादेव से संबंधित भिन्न-भिन्न कहानी प्रतिमा रूप में तैयार की जा रही है। उनके नंदीगण, भैरव, प्रभु श्री गणेश, पार्वती माता समेत अन्य भगवानों की 200 मूर्तियां तथा 108 पिलर खड़े किये जा रहे हैं। महादेव से संबंधित कहानियों को दिखाने के लिए कलाकार महाकाल मंदिर के पीछे इस काम को मूर्त रूप दे रहे हैं।

यहां महाभारत के युद्ध में प्रभु श्री कृष्ण और अर्जुन का रथ भी है:-
दरअसल स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनने वाले इस कॉरिडोर में जो प्रतिमा बनाई जा रही हैं उनकी कुल लागत लगभग 45 करोड़ आंकी गई है। इन्हें गुजरात तथा राजस्थान से आए मूर्त रूप दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये काम 2021 के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा। उज्जैन के जिलाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर में 800 करोड़ रुपए के विस्तारीकरण के कार्य चल रहे हैं। आने वाले वक़्त में भक्त महाकाल कॉरिडोर से होते हुए मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचेंगे। भक्त जहां से प्रवेश करेंगे वहीं से महादेव की महिमा का गुणगान तथा महादेव से संबंधित कहानियां देखने को मिल सकेगी। पूरी परियोजना प्रोजेक्ट आकार लेने के पश्चात् भारत के कई बड़े मंदिरो के परिसर से भी महाकाल मंदिर का परिसर बड़ा हो जाएगा।

खंभों पर अलग-अलग देवताओं और नृत्य व संगीत कलाओं को उकेरा जा रहा है:-
राजस्थान से आये कलाकार अमिताभ एवं उनके 80 साथी कॉरिडोर तथा नक्षत्र वाटिका को अध्यात्म रूप दे रहे हैं। एक अन्य कलाकार रेक सिंह ने कहा कि हमने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर एवं राजस्थान समेत कई बड़े शहरों में कार्य किया है। अब महाकाल मंदिर में कॉरिडोर को इस प्रकार बनाया जा रहा है कि आने वाले भक्तों को महादेव की महिमा का गुणगान देखने को मिलेगा। बाहर से आने वाले भक्त मंदिर के आसपास की खूबसूरती को भी निहार सकेंगे।

कॉरिडोर से मंदिर पहुंचने का सबसे आकर्षक पैदल व ई-रिक्शा मार्ग:-
कॉरिडोर से मंदिर पहुचने का सबसे आकर्षक पैदल व ई-रिक्शा रास्ते को म्यूरल वॉल, छाया दार वृक्ष व शिव स्तम्भों के साथ तैयार किया जा रहा है। जहां 3-3 मीटर पैदल व 6 मीटर चौड़ा ई-रिक्शा लेना होगा। यहीं से भक्त विजिटर फैसिलिटी सेंटर से होते हुए नंदी हॉल में पहुचंगे।

स्मार्ट प्रोजेक्ट में छायादार पेड़ो और ई-रिक्शा की सुविधा:-
महाकाल मंदिर के पीछे स्मार्ट सिटी के तहत बन रहे महादेव थीम पर आधारित लोटस स्पॉट, सप्त ऋषि प्लाजा, शिव स्तम्भ, ओपन एरिया थेटर, ग्रीन स्पेस एरिया समेत प्लाजा में स्मार्ट टिकट कियोस्क, टॉयलेट, बैठने योग्य छायादार जगह की सुविधा विकसित होगी। इसके साथ ही पब्लिक प्लाजा में पाथ वे के जरिए महाकाल कॉरिडोर से भक्त जुड़ेंगे। रुद्र सागर पर ब्रिज, सर्वसुविधा युक्त विजिटर फेसिलिटी, टॉयलेट, मोबाइल लॉकर, क्लॉक रूम, स्मार्ट पार्किंग, टूरिस्ट इनफार्मेशन सेंटर, हिन्दू धर्म व वैदिक थीम पर पब्लिक प्लाजा तैयार की जा रही है। कलाकारों के द्वारा शिवतांडव, सप्तऋषि समेत अनेक तरह की मूर्तो बनाई जा रही है। लगभग 5 से 10 फीट की मूर्ति संत ऋषि मुनि की भी सम्मिलित है। वास्तुकलात्मक तत्वों के इस्तेमाल द्वारा गलियों का सौन्दर्यीकरण तथा रामघाट पर सिंहस्थ थीम आधारित डायनेमिक लाईट शो किया जायेगा।

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