संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी माधवराव सिंधिया की मौत

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी माधवराव सिंधिया की मौत

भारत के प्रमुख घरानों में से एक है सिंधिया घराना। सभी जानते हैं कि भारतीय राजनीति में सिंधिया परिवार काफी लंबे समय से राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय है और इसी वंश में जन्में माधवराव सिंधिया का जन्म 10 मार्च 1945 में हुआ था। माधवराव ने सिंधिया स्कूल ग्वालियर में अपनी स्कूली शिक्षा ली और उसके बाद विंचेस्टर कॉलेज और ऑक्सफोर्ड के न्यू कॉलेज में उच्च अध्ययन के लिए गए। भारतीय राजनीति में अपना जौहर दिखाने वाले माधवराव का चुनावी क्षेत्र मुख्य रूप से गुना था। अपनी राजनीति में माहिर सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 में मैनपुरी जिले में हुई थी। 

​वैसे तो यदि कहा जाए तो माधवराव सिंधिया के परिवार से सभी राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। वहीं वर्तमान में उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारकों में गिने जाते है और कांग्रेस पार्टी को हमेशा ही आगे बढ़ाने में प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने पिता के आदर्शों का पालन करते हुए भारतीय राजनीति में अपना नाम बना रहे हैं। 

गौरतलब है कि माधवराव सिंधिया ने ब्रिटेन से लौटने के बाद राजनीति में शामिल होने से पूर्व अपनी मां विजया राजे सिंधिया द्वारा निर्धारित राजनीतिक परंपरा का बखूबी पालन किया। वे 1971 में ग्वालियर से लोकसभा के लिए चुने गए थे। लोकसभा के नौ कार्यकाल के सदस्य माधवराव सिंधिया ने 1971 से चुनावी मैदान में पैर रखा और जब वे 26 वर्ष की आयु में थे तब उन्होंने गुना निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार चुनाव में जीत दर्ज की। संघर्षशील  कहे जाने वाले माधवराव राव सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 को उत्तरप्रदेश के मैनपुरी जिले में विमान दुर्घटना में हुई वे अपने निजी विमान से यात्रा कर रहे थे। यहां बता दें कि इस विमान दुर्घटना में विमान में सवार सभी 8 लोगों की मृत्यु हुई थी।

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