एलएंडटी ने भारत में हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर्स का उत्पादन करने के लिए हाइड्रोजनप्रो के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

 

लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने गुरुवार को घोषणा कि की उसने भारत में हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर्स  निर्माण के लिए एक नॉर्वेजियन कंपनी, हाइड्रोजनप्रो एएस के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

एलएंडटी और हाइड्रोजनप्रो भारतीय बाजार और अन्य चुनिंदा स्थानों के लिए हाइड्रोजनप्रो तकनीक पर आधारित गीगावाट-स्केल अल्कलाइन वाटर इलेक्ट्रोलाइजर्स के निर्माण के लिए भारत में एक संयुक्त उद्यम स्थापित करने के लिए सहयोग करेंगे।

कंपनी ने कहा, "भारत में प्रस्तावित संयुक्त उद्यम एलएंडटी के हरित ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में मौजूद रहने के रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ-साथ लागत नेतृत्व बनाए रखने और स्थानीय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक विनिर्माण पदचिह्न स्थापित करने की हाइड्रोजनप्रो की रणनीति के अनुरूप है।" 

यह देश के लगातार बढ़ते ऊर्जा आयात बिल को कम करके और रिफाइनरियों, उर्वरकों, स्टील और परिवहन जैसे "हार्ड-टू-एबेट" व्यवसायों के लिए हरित विकल्पों में संक्रमण के लिए मार्ग प्रशस्त करके भारत को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

भारत के हरित हाइड्रोजन मिशन के अनुसार, 2030 तक हरित हाइड्रोजन की मांग बढ़कर 2 एमएमटीपीए होने की उम्मीद है, जिसके लिए 60 अरब डॉलर तक के व्यय की आवश्यकता होगी।

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