जीतनराम मांझी का चुनाव आयोग से सवाल, नक्सली इलाकों में मतदान का समय कम क्यों ?

जीतनराम मांझी का चुनाव आयोग से सवाल, नक्सली इलाकों में मतदान का समय कम क्यों ?

पटना: आज लोकसभा चुनाव का तीसरा चरण के लिए मतदान हो रहा है और बिहार में पांच लोकसभा सीटों मधेपुरा, सुपौल, अररिया, खगड़िया और झंझारपुर में वोट डाले जा रहे हैं. वहीं, सूबे के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं. पटना हवाई अड्डे पर जीतनराम मांझी ने कहा है कि जब सेना सीमा पर आतंकवादी से लड़ सकती है तो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान के वक़्त में कमी क्यों रखी गई हैं. 

जीतनराम मांझी ने चुनाव आयोग से कहा है कि इससे गरीब मतदाताओं को नुकसान होता है. उन्होंने कहा है कि कहीं 11 घंटे तो कहीं 10 या 9 घंटे का समय वोट डाले जाने के लिए क्यों होता है. क्या नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जवानों को सुरक्षा नहीं दी जा सकती है. आपको बता दें कि नक्सल प्रभावित इलाकों में वक़्त से पूर्व मतदान समाप्त हो जाता है जिसे लेकर आज जीतनराम मांझी ने हमला बोला है. 

वहीं अगर तीसरे चरण के मतदान की बात करें तो पांच लोकसभा सीटों पर 82 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला EVM में कैद हो जाएगी. इनमें 77 पुरुष और सिर्फ 5 महिला उम्मीदवार चुनावी संग्राम में ताल ठोक रही हैं. झंझारपुर में 17, सुपौल में 20, अररिया में 12, मधेपुरा में 13 और खगड़िया में 20 प्रत्याशी चुनावी रण में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं.

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