जन्माष्टमी पर घर लें आएं चांदी का यह सामान और रख लें तिजोरी में, हो जाएंगे मालामाल

Aug 19 2019 04:40 PM
जन्माष्टमी पर घर लें आएं चांदी का यह सामान और रख लें तिजोरी में, हो जाएंगे मालामाल

साल 2019 में जन्माष्टमी मनाने के लिए लोग खूब बेताब हैं क्योंकि यह त्यौहार बहुत ख़ास माना जाता है. ऐसे में 23 और 24 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का शुभ पर्व मनाया जाने वाला है और कान्हा के जन्म का उत्सव सारी दुनिया में परंपरागत रूप से मनाया जाता है. अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस दिन किए जाने वाले उपाय जो आपको चारों तरफ से धन, संपदा, समृद्धि और सफलता दिलाने में मदद करने वाले हैं. जी हाँ, आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में.


चांदी की बांसुरी : कहते हैं इस दिन चांदी की बांसुरी को लाकर कान्हा को चढ़ा देने से सभी संकट कट जाते हैं. इसी के साथ पूजा संपन्न होने के बाद उस बांसुरी को अपने पर्स में हिफाजत से रख लेने से धन की कभी कमी नहीं होती है.
 

माखन-मिश्री : कहा जाता है जन्माष्टमी के दिन माखन और मिश्री का भोग लगाकर 1 साल से छोटे बच्चों को अपनी अंगुली से चटा देने मात्र से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है.

झूला : कहा जाता है इस दिन सुंदर सुसज्जित झूला लाकर उसमें कान्हा जी बिठाने से भी सारे काम बन जाते हैं.

राखी : कहते हैं इस दिन कान्हा जी और बलराम जी को राखी बांधना चाहिए जिससे वह हर संकट के समय आपके साथ रहे.

तुलसी : कहा जाता है कान्हा पूजन में तुलसी का प्रयोग जरूर करना चाहिए यह शुभ होता है.

शंख : कहते हैं जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के नंदलाल स्वरूप का शंख में दूध डालकर अभिषेक करने से आपके जीवन में सुख ही सुख आता है.

फल व अनाज : मान्यता है कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन धार्मिक स्थल पर जाकर फल और अनाज दान करना शुभ होता है.

गाय-बछड़ा : ऐसा माना जाता है इस दिन गाय-बछड़े की नन्ही प्रतिमा लाने से भी धन और संतान संबंधी चिंताएं दूर होना शुरू हो जाती है.

मोर पंख: मोर पंख श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है इस कारण से जन्माष्टमी पूजन में इसे जरूर शामिल करना चाहिए.

पारिजात : कहते हैं हारसिंगार, पारिजात या शैफाली के फूल श्रीकृष्ण को बहुत पसंद है इस कारण अपनी पूजा में इन्हे शामिल करें.

जन्माष्टमी पर करें श्रीकृष्ण अष्टक का पाठ, मिट जाएंगे सारे संताप

23 अगस्त को है जन्माष्टमी का त्यौहार, इस तरह रखे व्रत

जन्माष्टमी पर इस आरती से करें श्री कृष्ण को प्रसन्न