इंदौर में ग्राहक के साथ बैंक में हुआ दुरव्यवहार, मैनेजर ने नोट जमा करने से किया मना

Oct 23 2019 06:38 PM
इंदौर में ग्राहक के साथ बैंक में हुआ दुरव्यवहार, मैनेजर ने नोट जमा करने से किया मना

आज ही के दिन यानी 23 अक्टूबर को देश की एक बड़ी ब्रांच आईसीआईसीआई बैंक महालक्ष्मीनगर इंदौर में ये वाकिया हुआ है. आज लगभग 11 बजे , अजय चौहान, जो कि आईसीआईसीआई बैंक महालक्ष्मीनगर ब्रांच के ग्राहक हैं, उनके इस बैंक में 6 से अधिक खाते हैं और वह पिछले 15 वर्षों से इस बैंक के खाताधारक हैं. 

अपने बयान में उन्होंने बताया कि वह अपनी कंपनी के करंट अकाउंट में लगभग ₹70000 कैश जमा कराने पहुंचे थे, जिसमें 10रु के नोट कुल 4000 मूल्य के थे और बाकी सभी बड़े डिनॉमिनेशन 50, 100, 200 एवं 500 के थे. पहुंचने के बाद कैशियर ने आधे घंटे उनको खड़ा रखा. अपना काम छोड़कर सीट से केशियर 2 बार उठकर नदारद हो गया.

कुछ समय बाद बैंक का ब्रांच मैनेजर मयंक ग्राहक के पास आया और उसको बोला कि आपका कैश जमा नहीं हो पाएगा. ग्राहक ने पूछा कि इसका क्या कारण है तो ब्रांच मैनेजर ने जवाब दिया कि आपके छोटे नोट अर्थात 10रु और 50 रु है अतः हम यह पैसा जमा नहीं कर पाएंगे. ब्रांच मैनेजर के मना करने पर ग्राहक ने कहा पूछा कोई नियम अगर आरबीआई ने पारित किया है तो कृपया उसको दिखा देवें या उसकी स्पष्ट जानकारी देवें. इतना सुनने पर ब्रांच मैनेजर बैंक के ग्राहक को स्पष्टीकरण देने के बजाय उससे विवाद पर उतारू हो गया और थोड़ी देर में भड़क गया और बैंक के गार्ड को ग्राहक की ओर इशारा करते हुए बोला कि इसको धक्के मारकर ब्रांच से बाहर निकाल दो.


इसके बाद गॉर्ड द्वारा बल प्रयोग की चेष्ठा करते देख वहाँ मौजूद ग्राहकों ने बैंक स्टाफ से कहा कि यह कोई चोर या डकैत नहीं है जो उसे वहां से ऐसे निकाल दिया जाएगा, वह मात्र अपने सवाल का जवाब मांग रहा हूं कि क्यों पैसा जमा नहीं करेंगे, आप उत्तर देने में असमर्थ हैं और इस तरह का दुर्व्यवहार भी कर रहे हैं. ग्राहक ने बैंक स्टाफ और गॉर्ड द्वारा बल प्रयोग की संभावना देखते हुए 100 डायल पर फोन लगाकर पुलिस कंट्रोल रूम में बैंक कर्मचारियों द्वारा बल प्रयोग की संभावना की कंप्लेंट भी कर दी.

आपकी जानकारी के लिए बता दे ​कि समय पाकर संजय सिंह बैंक के आईसीआईसीआई बैंक के जोनल हेड कोमल पारीख को फोन लगाकर इस विषय एवं घटना की जानकारी दी. कोमल ने भी सही तरह से बात ना करते हुए कहा कि 50 रु और उससे छोटे डिनॉमिनेशन हम नहीं ले पाएंगे चाहे आप आरबीआई जाओ, पुलिस बुलाओ या चीफ मिनिस्टर को फोन लगाओ.

पुलिस के आने तक गार्ड, अकाउंटेंट सत्यम, ब्रांच मैनेजर मयंक और एक अन्य कर्मचारी ने ग्राहक से खूब बदतमीजी की एवं सब मिलकर ग्राहक को धकेलने का प्रयास किया. इतने में पुलिस आई, पुलिस के हस्तक्षेप पर ब्रांच मैनेजर अपने केबिन से बाहर आया और लगभग डेढ़ घंटे घटनाक्रम चलने के बाद केशियर को निर्देश दिया कि 80:20 प्रिंसिपल के तहत पैसा जमा कर ले.

इस घटना क्रम के बाद ग्राहक ने बोला यह प्रिंसिपल का पालन आप डेढ़ घंटे पहले भी कर सकते थे क्योंकि मेरा रु 70000 के राशि में मात्र ₹4000 के नोट छोटे यानि 10रु के हैं, बाकी सभी नोट 50, 100, 200 एवं 500 के हैं. परंतु ब्रांच मैनेजर पुलिस के सामने भी ऊंट पटांग बातें करता रहा और ग्राहक को धमकी दे दी कि तेरा अकाउंट बन्द करवा दूंगा. जो एक तरह से नियमों का उल्लंघन करने के बाद ​किसी ग्राहक के अधिकारों को हनन करने जैसा है.

ग्राहक अजय चौहान ने अपने टेलीफोनिक इंटरव्यू में  न्यूज़ट्रैक लाइव को इस बारे में पूरी जानकारी दी. ​कि किस तरह ​10रु और 50 रु की नगद राशि को जमा कराने पर उनके साथ बैंक अधिकारियों ने बुरा व्यवहार किया और बैंक अकाउंट बंद करने की धमकी दी. 

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