हरभजन सिंह के वो 3 दमदार रिकॉर्ड, जिन्हे तोड़ना किसी भी गेंदबाज़ के लिए मुश्किल

नई दिल्ली: भारत के दिग्गज फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. हरभजन सिंह ने वर्ष 1998 में इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया था और अब 23 वार्स बाद उन्होंने क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कहने का फैसला लिया है. महज 17 वर्ष की आयु में हरभजन सिंह ने अपने क्रिकेट की शुरुआत की थी और आज वह 41 वर्ष के हो चुके हैं.

हरभजन सिंह के नाम सबसे कम उम्र में 400 टेस्ट विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ होने का रिकॉर्ड है. भज्जी ने जुलाई 2011 में यह रिकॉर्ड बनाया था. भज्जी ने डोमिनिका में कार्लटन बॉ को आउट कर अपने 400 टेस्ट विकेट पूरे किए थे. इसके साथ ही वे सबसे कम उम्र में 400 टेस्ट विकेट लेने वाले इंडियन स्पिनर बन गए थे. उस समय उनकी आयु 31 वर्ष और चार दिन थी. वैसे इस मामले में वे पूरे विश्व के गेंदबाजों में दूसरे स्थान पर हैं. उनसे कम आयु में 400 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड मुथैया मुरलीधरन के नाम है. मुरली ने 29 साल 273 दिन की उम्र में 400 टेस्ट विकेट पूरे किए थे.

इसके अलावा हरभजन सिंह टेस्ट क्रिकेट में लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट यानी हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज़ हैं. उन्होंने मार्च 2001 में कोलकाता टेस्ट में यह रिकॉर्ड बनाया था. इस दौरान भज्जी ने रिकी पोटिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न को पवेलियन भेजा था. उनके बाद इरफान पठान ने 2006 और जसप्रीत बुमराह ने 2019 में टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए हैट्रिक ली थी.

भज्जी ने मार्च 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 32 विकेट चटकाए थे. इसके जरिए वे तीन टेस्ट की श्रृंखला में सबसे अधिक विकेट लेने वाले फिरकी गेंदबाज़ बने थे. विश्व का और कोई स्पिनर तीन टेस्ट में 32 से अधिक विकेट नहीं ले सका हैं. भज्जी के बाद मुथैया मुरलीधरन का नाम आता है जिन्होंने तीन टेस्ट में 30 विकेट लेने का कारनामा कर रखा है.

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