उत्तराखंड चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, कांग्रेस में घर वापसी करेंगे हरक सिंह रावत

देहरादून: दलित नेता यशपाल आर्य के बाद हरक सिंह रावत की कांग्रेस में वापसी पक्की मानी जा रही है. अगले दो दिन के भीतर उनको पार्टी में फिर से शामिल कर लिया जाएगा. बता दें कि हरक सिंह रावत उत्तराखंड के कद्दावर नेता हैं, जिन्होंने 2016 में कांग्रेस हाईकमान से बगावत कर दी थी और भाजपा का दामन थाम लिया था. 

सूत्रों के अनुसार, उनकी कांग्रेस हाईकमान से पूरी चर्चा हो चुकी है. उनके साथ कुछ और नेताओं की कांग्रेस में शामिल होने का भी अनुमान है. हरक सिंह रावत पहली दफा 1991 में पौड़ी से विधायक चुने गए थे. उस वक़्त उत्तराखंड अलग राज्य नहीं बना था और उत्तर प्रदेश का हिस्सा था. सूत्रों का कहना है की रावत का उत्तराखंड भाजपा के नेतृत्व से तालमेल नहीं बन रहा था. उन्हें हाल फिलहाल में वर्कर्स बोर्ड से भी हटा दिया गया था. हरक सिंह रावत ने अपने करियर में कई उतार चढ़ाव का सामना किया है. वर्ष 2000 के बाद वो हमेशा सत्ता से जुड़े रहे. वो उत्तराखंड में नेता विपक्ष भी रहे. उनकों 2002 में एक स्कैंडल के कारण इस्तीफा भी देना पड़ा था.

कांग्रेस के सूत्रों की माने तो उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत भाजपा गए कांग्रेस नेताओं को वापिस लाने के लिए अधिक उत्सुक नहीं हैं. हरक सिंह रावत उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने हरीश रावत सरकार के विरुद्ध 2016 में बगावत कर दी थी और मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया था. इसलिए हरीश रावत की हरक सिंह रावत से कटुता व्यक्तिगत है, जो यशपाल आर्य के साथ नहीं है. मगर  कांग्रेस हाईकमान पुराने नेताओं को पार्टी में जगह देना चाहता है.

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