नवजोत सिंह सिद्धू क्रिकेट से लेकर टीवी और राजनीती तक रह चुके है गुरु

Oct 20 2020 08:45 AM
नवजोत सिंह सिद्धू क्रिकेट से लेकर टीवी और राजनीती तक रह चुके है गुरु

नवजोत सिंह सिद्धू का नाम आप सभी जानते ही हैं. इनका नाम सुनते ही कपिल शर्मा के शो में हंसता हुआ इंसान याद आ जाता है जो आजकल शो में नहीं नजर आते हैं. नवजोत सिंह सिद्धू आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. आपको बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू का जन्म 20 अक्टूबर 1963 को पंजाब के पटियाला जिले में हुआ था और उनके पिता सरदार भगवंत सिंह सिद्धू भी एक क्रिकेट खिलाड़ी थे और वो अपने बेटे नवजोत को एक उच्च श्रेणी के क्रिकेटर के रूप में देखना चाहते थे. वहीं उन्होंने पटियाला में ही अपनी शिक्षा पूरी की और इसी के साथ वह पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर चुके हैं.

आपको बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने 1983 से लेकर 1999 तक इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना परचम लहरया और उन्होंने अपना पहला टेस्ट 1983 में खेला था, लेकिन उनकी शुरुआत काफी फीकी रही और उन्हें सिर्फ दो टेस्ट मैच के बाद ही टीम से बाहर कर दिया गया. वहीं एक बार सिद्धू खुद एक इंटरव्यू में बता चुके हैं कि ''शुरुआत में फेल होने के बाद हर जगह उनकी आलोचना हो रही थी. उस वक्त इंडियन एक्सप्रेस के जाने माने पत्रकार राजन बाला ने उन पर एक आर्टिकल लिखा जिसका शीर्षक था, सिद्धू, द स्ट्रोकलेस वंडर. इस आर्टिकल को देखने के बाद उन्हे काफी धक्का लगा.'' वहीं आगे इस इंटरव्यू में सिद्धू ने बताया कि, ''इस आर्टिकल की वजह से उनके पिता की आंखों में आंसू आ गए थे और उन्होंने पहली बार अपने पिता को रोते हुए देखा था. बस यहीं से एक नए सिद्धू ने जन्म लिया. उसके बाद उन्होंने दिन रात मेहनत की और फिर से भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई.''

आपको बता दें कि इसके बाद सिद्धू ने 1987 के वर्ल्डकप में शानदार प्रदर्शन किया और 7 मैचों की 5 पारियों में 4 अर्धशतक की बदौलत सबसे ज्यादा 276 रन बनाए और इस पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से 10 छक्के निकले. वहीं उसके बाद राजन बाला ने उनपर फिर से आर्टिकल लिखा और उसका शीर्षक था, ‘सिद्धू, फ्रोम स्ट्रोकलेस वंडर टू ए पामग्रोव हिटर’. वहीं उसके बाद सिद्धू ने लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखा. आपको बता दें कि केवल क्रिकेट जगत में ही नहीं वह राजनीति में भी अच्छी पारी खेल रहे हैं. जी दरअसल नवजोत सिंह सिद्धू ने 2004 के आम लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अमृतसर की सीट पर विजय हुए और इसके बाद से वह लगातार सुर्ख़ियों में रहे. वह पहले पंजाब सरकार में पर्यटन मंत्री के पद पर बने थे लेकिन इस समय वह केवल कांग्रेस नेता हैं.

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