फिल्म रिव्यु : मार्गरीटा विद ए स्ट्रा

Apr 17 2015 05:08 PM
फिल्म रिव्यु : मार्गरीटा विद ए स्ट्रा
style="text-align: justify;">शोनाली बोस के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘मार्गरीटा विद ए स्ट्रा आज दर्शकों के सामने आई है. शोनाली बोस के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में रेवती, कल्कि कोचलिन, सयानी गुप्ता, कुलजीत सिंह और हुसैन दलाल मुख्य भूमिका में हैं. शोनाली ने लैला के बहाने संबंधों और भावनाओं की परतदार कहानी रची है. ‘मार्गरीटा विद ए स्ट्रॉ’ एक भावनात्मक सफर है, जिससे गुजरते हुए आपको कल्कि की भावनाएं और दुख का अहसास होगा. फिल्म में लैला यानी कल्कि कोचलिन सेलिब्रल पेल्सी की शिकार हैं. इस बीमारी में आदमी के अंगों को हिलाने-डुलाने में परेशानी पैदा होती है, लेकिन दिमागी रूप से वो आम इंसान की तरह ही होता है.

 प्रेम और रोमांस की चाहत उसके अंदर भी होती है. कुछ इसी तरह से लैला को भी म्यूजिक में दिलचस्पी होती है और वो अपने म्यूज़िक बैंड के लिए गीत लिखती हैं. लैला अपनी मां (रेवती) के बहुत नजदीक हैं. एक तरह से कहा जाए कि उसकी मां उसकी सुख-दुख की साथी होती हैं. कहानी में वो किन परेशानियों से गुजरती है, इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी. अगर फिल्म के डायरेक्शन की बात करें तो शोनाली बोस ने एक ही वक्त में कई कहानियां कहने की कोशिश की है. शोनाली ने कल्कि के किरदार को अपाहिज नहीं बल्कि जीवंत रूप दिया है. जो सेलिब्रल पल्सी से पीड़ित होने के बाद भी क्रिएटिव और इमोशन लेवल पर काफी सक्षम है. 

हालांकि उन्होंने इस तरह के सीन्स लैला के प्रति हमदर्दी जुटाने के लिए नहीं रचे हैं. कुल मिलाकर फिल्म का डायरेक्शन सधा हुआ है. इस फिल्म में कल्कि कोचलिन ने अपने करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन अभिनय किया है. एक तरह से कहा जाए कि कल्कि ने इस किरदार को जिवंत कर लिया तो कुछ गलत नहीं होगा. उन्होंने अपने किरदार की मानसिक क्षमतआों को सही ढंग से जाहिर किया है, जिसमें उन्हें सयानी गुप्ता और रेवती का भी बराबर साथ मिला. अगर आप एक अच्छी कहानी और अच्छा अभिनय देखना चाहते है तो फिल्म जरूर देखिए.