भारत के कम्युनिस्ट नेता, देश के सिपाही या चीन के 'मोहरे' ?

नई दिल्ली: चीन पर विश्व को कोरोना महामारी देने, मानवाधिकारों का उल्लंघन करने और भारत सहित अन्य देशों के खिलाफ विस्तारवादी नीति अपनाने का इल्जाम लगाया जा रहा है और भारतीय बॉर्डर पर आक्रामकता के कारण लगातार चीन की आलोचना भी हो रही है। लेकिन इसी बीच, CPIM के सीताराम येचुरी और CPI के डी. राजा सहित कई अन्य वामपंथी नेता चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित होने वाले वर्षगाँठ कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बुधवार (28 जुलाई 2021) को चीनी दूतावास के द्वारा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी CPC की स्थापना का शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में CPIM के महासचिव सीताराम येचुरी, CPI के डी. राजा, तमिलनाडु की सत्ताधारी DMK सांसद एस. सेंथिलकुमार और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की केन्द्रीय समिति के सचिव जी. देवराजन ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में चीन की अगुवाई CPC के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट के काउन्सलर डू शियाओलिन (Du Xiaolin) ने की। 

हालाँकि, इस आयोजन में भारतीय नेताओं के शामिल होने पर सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरे देश के नागरिकों के मन में चीन के प्रति क्रोध है, तो ऐसे में कुछ चंद नेता चीन की उस CPC के स्थापना समारोह में खुशी-खुशी हिस्सा ले रहे हैं, जिसका भारत विरोध जग-जाहिर है। हालाँकि, इसके विपरीत भारतीय वामपंथी नेता हमेशा से चीन का महिमामंडन करने का काम करते रहे हैं।  बता दें कि इससे पहले वामपंथी प्रकाशन समूह ‘द हिन्दू’ ने 01 जुलाई 2021 को CPC की शताब्दी समारोह पर चीन द्वारा भुगतान किए गए पूरे पृष्ठ का एड दिया था।

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