कांग्रेस ने विधायकों से साइन कराया पार्टी के प्रति वफादारी की कसम वाला शपथ पत्र

कोलकाता​ : लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी कांग्रेस आश्वस्त थी कि वो विधानसभा चुनाव में वापसी कर लेगी, लेकिन पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार ने कांग्रेस के कान खड़े कर दिए है। पार्टी ने अब अपने नेताओं पर नकेल कसनी शुरु कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने मंगलवार को चुनाव में जीतने वाले विधायकों से वफादारी की लिखित रुप में कसम ली है।

100 रुपए के स्टांप पेपर में जारी किए गए इस शपथ पत्र में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नाम संबोधन था, जिस पर विधायकों को साइन करना था। इस पर हस्ताक्षर करके वो इस बात की प्रमाणिकता देंगे कि वो किसी भी प्रकार की पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। कहा जा रहा है कि यह फैसला पार्टी के सांसदों, जिला स्तर के अध्यक्षों और राज्य स्तर के पार्टी नेताओं के बीच हुई एक बैठक के बाद लिया गया।

जब चौधरी से इसकी वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसा बॉण्ड नहीं है, जिसमें हमने किसी को हस्ताक्षर करने को मजबूर किया हो ताकि उनके खिलाफ एक्शन लिया जा सके, बल्कि यह शपथ पत्र पार्टी के प्रति उनकी वफादारी को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में नेताओं के बीच कई बातों या फैसलों पर मतभेद हो सकता है लेकिन कोई उसकी वजह से पार्टी के खिलाफ कोई काम न करे। इस शपथ पत्र के पहले प्वाइंट में लिख गया है कि हम पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रति वफादारी की कसम खाते है।

अगले लाइन में लिखा गया है कि एक विधानसभा सदस्य के तौर पर मैं किसी भी पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं रहूंगा। यदि मैं पार्टी के किसी फैसले या नीति से सहमत नहीं हूं तो भी पार्टी के खिलाफ कोई भी बयान नहीं दूंगा। ऐसा कोई भी बयान देने से पहले मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा। कांग्रेस विधायक अब्दुल मन्नान ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह एक सही कदम है। इससे विधायक पार्टी के हित से भटकेंगे नहीं।

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