उज्बेकिस्तान को हराकर चीन ने शतरंज में हासिल की जीत

2018 के फीडे वर्ल्ड शतरंज ओलंपियाड विजेता चीन नें एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय शतरंज में धमाकेदार वापसी करते हुए  वर्ल्ड टीम शतरंज चैंपियनशिप का खिताब को अपने नाम कर चुके है । बड़ी बात यह रही की चीन अपने सभी प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में भी यह खिताब जीतने में कामयाब साबित हो चुके है। चीन की टीम नें फाइनल में उज्बेकिस्तान को निरंतर दो मुकाबलों में 2.5-1.5 से पराजित करते हुए खियात्ब अपने नाम किया ,चीन के फाइनल मुक़ाबले जीतने में जिंसी बाई और ली डी नें मुख्य भूमिका अदा की है ,इस प्रकार चीन स्वर्ण पदक तो उज्बेकिस्तान रजत पदक जीतने में कामयाब रहा है .

वहीं भारत कांस्य पदक का मुक़ाबला स्पेन से मात दे दी है, दोनों के मध्य हुए बेस्ट ऑफ 2 के मुक़ाबले 2-2 से बेनतीजा रहे और ऐसे में परिणाम टाईब्रेक से तय किया गया,जिसमें पहले बोर्ड पर विदित गुजराती को संटोस लताशा नें तो दूसरे बोर्ड पर निहाल सरीन को अंटोन डेविड नें पराजित करते हुए स्पेन को 3-1 से जीत दिला डी और पहली बार टीम चैंपियनशिप का कांस्य पदक भी जीत चुके है ।

इसके पहले ख़बरें थी कि वर्ल्ड शतरंज संघ द्वारा 1 नवंबर को जारी वर्ल्ड शतरंज रैंकिंग में इंडियन टीम नें पुरुष ,महिला और मिश्रित श्रेणी में अपना तीसरा स्थान बनाया हुआ रखा है। पुरुष वर्ग की रैंकिंग में USA की टीम 2726 अंको के साथ पहले, रूस 2711 अंको के साथ दूसरे तो इंडिया अब 2694 अंको के साथ तीसरे नंबर की टीम है, चीन 2688 अंको के साथ नंबर 4 तो उक्रेन 2663 अंको के साथ 5वें नंबर की टीम भी है । महिला वर्ग मे चीन 2470 अंको के साथ पहले ,रूस 2455 अंको के साथ दूसरे तो इंडिया 2414 अंको के साथ तीसरे नंबर की टीम कही जा रही है । इस बार खास शुरू किए गए मिश्रित वर्ग में रूस 2583 अंको के साथ पहले , चीन 2579 अंको के साथ दूसरे तो भारत 2554 अंको के साथ तीसरे स्थान पर आ चुकी है।

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