हद हो गई केजरीवाल जी! यह क्या कह डाला आपने

नई दिल्ली : लगता है कि मोदी सरकार की नोटबंदी का विरोध करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को यह भान नहीं है कि उन्हें क्या बोलना चाहिये और क्या नहीं। इसका उदाहरण उस वक्त सामने आया है जब उन्होंने ट्विट के माध्यम से ऐसा कह दिया, जिसकी कल्पना संभवतः राजनीति के क्षेत्र में उनसे ज्यादा अनुभव रखने वालों को भी नहीं होगी। केजरीवाल ने कहा है कि भाजपा यह कहती है कि वह हिन्दुओं की पार्टी है, लेकिन उसने तो नोटबंदी में हिन्दुओं को भी नहीं छोड़ा, हिन्दुओं को भी बर्बाद कर दिया।

अब यह केजरीवाल को कौन समझाये कि मोदी सरकार ने पूरे देश से भ्रष्टाचार मिटाने और कालाधन खत्म करने की मूहिम छेड़ी है तो फिर इसमें कोई वर्ग विशेष कैसे आ सकता है। चाहे हिन्दू हो या फिर चाहे मुस्लिम या फिर किसी भी समाज का व्यक्ति क्यों न हो, नियम कायदे सभी के लिये एक समान होते है, सरकार सभी को एक नजर से देखती है तो फिर केजरीवाल को यह समझ में क्यों नहीें आया कि बीजेपी सरकार ने नोटबंदी में हिन्दुओं को भी नहीं छोड़ा या हिन्दुओं को भी बर्बाद कर दिया। केजरीवाल जी, चोर तो चोर होता है, क्या आपको पता नहीं है कि चोरी के आरोप में जब पुलिस किसी को पकड़ती है तो वह यह नहीं देखती है कि चोर की जाति क्या है तो फिर कालधन को खत्म करने के लिये मोदी सरकार किसी भी बेईमान को कैसे छोड़ सकती है।

केजरीवाल नोटबंदी को लेकर राजनीति भले ही करें, लेकिन क्या यह चाहते है कि नोटबंदी के चक्कर में देश को जात-पात के नाम पर बांट दिया जाये या फिर सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठे, आखिर केजरीवाल भड़काउ बयान देकर क्या करवाना चाहते है। राजनीति में सब कुछ जायज है, लेकिन मापदण्ड भी तो तय है। क्या उनकी नजर में नोटबंदी का मुद्दा, विवादास्पद मुद्दा है जिसे लेकर सांप्रदायिक तनाव फैलाया जाये। हद हो गई केजरीवाल जी, आपने यह क्या कह डाला, जरा सोचिये तो सही अपने ट्विट के बारे में। सौ बका और एक लिखा वाली कहावत से तो केजरीवाल परिचित होंगे ही, बावजूद इसके उन्हें यह भान नहीं रहा कि उनके भड़काने वाले ट्विट से देश गरम भी हो सकता है।

कभी सोशल मीडिया से तो कभी जनसभा से जता रहे केजरीवाल विरोध

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