आख़िर क्रिप्टोकोर्रेंसी क्या होती है, जाने कितने प्रकार की होती है क्रिप्टोकररेंसी

आज जिसे देखो वो क्रिप्टोकरेन्सी के पीछे भाग रहा है। बहुत ही कम समय में क्रिप्टोकरेन्सीमें अपनी फाइनेंशियल मार्केट पर सत्ता मजबूत की है। क्रिप्टोकरेन्सी को डिजिटल करेंसी भी कहा जाता है, क्यूंकि यह ऑनलाइन ही उपलब्ध है इसमें आप फिजिकल पैसो का लेन देन नहीं कर सकते है। हर देश की अपनी एक करेंसी होती है और उस करेंसी से अर्थव्यवस्था चलती है। किन्तु आजकल दुनिया में कुछ ऐसी करेंसी भी आ गई है, जो कि डिजिटल फॉर्म में होती हैं और हमें दिखाई नहीं देती है। ऐसी एक करेंसी जिसका नाम क्रिप्टोकरेंसी है, उसी की बात आज हम इस लेख में करने जा रहे हैं। इस लेख में हम आपको क्रिप्टोकरेंसी क्या है, कैसे काम करती हैं, और कौन-कौन सी क्रिप्टोकरेंसी हैं, एवं इनकी विशेषतायें आदि इसी तरह की सभी जानकारी देने जा रहे हैं।

क्रिप्टोकरेंसी, क्रिप्टोग्राफ़ी जैसी एक टेक्नोलॉजी द्वारा बनाई गई एवं डिस्ट्रिब्यूटेड लेज़र सिस्टम का उपयोग करने वाली एक डिजिटल मुद्रा हैं। जिसमें ब्लॉकचैन के द्वारा कार्य किया जाता है। इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से डेवलपर्स ने इस तरह की करेंसी को बनाने का लक्ष्य रखा, जो कि अधिक समय के लिए, सुरक्षित, निजी, ट्रेस करने योग्य एवं डीसेंट्रलाइज्ड है। जब हमें बड़े लेवल पर किसी चीज को खरीदने या कोई सर्विस लेने के लिए भुगतान करना होता हैं, तब हम ऑनलाइन मनी एक्सचेंज के माध्यम से डिजिटल रूप में पेमेंट कर सकते हैं। अतः इसमें किया जाने वाला पेमेंट इन्टरनेट का उपयोग करके कुछ वॉलेट के रूप में किया जाता हैं। यह करेंसी हमें दिखाई नई देती हैं, इसलिए यह कैशलेस भुगतान का सबसे एडवांस्ड वर्जन है, जोकि डिजिटल फॉर्म में होता है। 

क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत कैसे हुई?

जब दुनिया में इन्टरनेट सुविधा शुरू हुई, तभी यह बहुत से लोगों के लिए अंजान थी। सन 1990 के दशक की बात करें, तो शुरुआत में अधिकांश लोग इन्टरनेट को समझने के लिए संघर्ष कर रहे थे। हालांकि बहुत से लोग इतने स्मार्ट थे, कि उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी थी कि आखिर इन्टरनेट इतना शक्तिशाली टूल कैसे बना। ऐसे लोगों का मानना था, कि सरकार और कारपोरेशन का हमारे जीवन पर बहुत अधिक पॉवर हो गया है, और वे चाहते थे कि दुनिया के लोगों को इन्टरनेट का उपयोग करके स्वतंत्रता मिले, इसलिए ये साइबरपंक क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करते हुए इन्टरनेट यूजर्स को अपने पैसे और जानकारी अधिक नियंत्रित रखने की अनुमति देना चाहते थे। क्रिप्टोकररेंसी भले ही आज उछाल पर है, लेकिन क्रिप्टो ने अपनी दस्तक सन 1980 के पहले ही दे दी थी। 

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कैसे करे?

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले आपको क्रिप्टो का पूरा नॉलेज होना चाहिए। साथ ही क्रिप्टो के लिए सही प्लेटफार्म का चुनाव करना चाहिए, क्यूंकि अगर सही प्लेटफार्म का चुनाव नहीं किया जाये तो ट्रेंडिंग करते वक़्त आपको ज़्यादा फीस भरनी पड़ सकती है। ऐसे में अभी की बात करे तो क्रीटकर्रेंसी के लिए सही प्लेटफार्म है "wazrix". इसमें इन्वेस्ट करना व् ट्रेंडिंग करना बहुत ही आसान है और इसके फाउंडर भी भारतीय है। 

क्रिप्टोकरेन्सी के कितने प्रकार होते है ?

1. Bitcoin (BTC)
अगर हम क्रिप्टोकोर्रेंसी की बात करें और Bitcoin की बात न हो तब तो ये बिलकुल भी मुमकिन नहीं है, क्यूंकि Bitcoin दुनिया का सबसे पहला क्रिप्टोकोर्रेंसी है। जिसे सटोशी नाकामोटो ने 2009 में बनाया था। यह डिजिटल करेंसी है जो की सिर्फ गुड्स और सर्विसेस खरीदने के लिए इस्तेमाल होती है।     

2.Ethereum (ETH)
बिटकॉइन के जैसे ही eth भी एक ओपन सॉर्स, डीसेंटर्लीज़ेड ब्लॉक्ड चैन बेस्ड कंप्यूटिंग प्लेटफार्म है। इसके फाउंडर का नाम है Vitalik Buterin, इसके क्रिप्टोकरेंसी टोकन को "ether" भी कहा जाता है। 

3. Litecoin (LTC)
litecoin भी decentralized peer to peer क्रिप्टोकरेन्सी है। जैसे की एक ओपन सॉर्स सॉफ्टवेयर जो की release हुआ है under the MIT/X11 license के अंतर्गत October, 2011 में Charles Lee के द्वारा जो की पहले एक Google Employee रह चुके हैं। 

4. Dogecoin (Doge)
Dogecoin की बनने की कहानी काफी रोचक है। इस Bitcoin को मजाक करने के लिए कुत्ते से उसकी तुलना की गयी जो आगे चलकर एक क्रिप्टोकोर्रेंसी का रूप ले लिया। इसके Founder का नाम है Billy Markus । Litecoin की तरह ही इसमें भी Scrypt Algorithm का इस्तमाल होता है। आज Dogecoin की Market Value है $197 million से भी ज्यादा और इसे पुरे विश्व में 200 merchants से भी ज्यादा में accept किया जाता है। इसमें भी Mining दूसरों के मुकाबले बहुत जल्दी होती है। 

5. Tether (USDT)
Coinmarketcap.com के अनुसार, 17 जनवरी को 78 बिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ टीथर सबसे बड़ी स्थिर मुद्रा है। ये Bitcoin की blockchain technology का इस्तेमाल करता है। स्थिर मुद्रा अमेरिकी डॉलर और यूरो में आंकी गई अस्थिरता को कम करती है, और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है, लेकिन अस्थिरता का सामना करने के लिए अनिच्छुक है। 

6. Binance Coin (BNB)
यह क्रिप्टोकरेंसी बिनेंस क्रिप्टो एक्सचेंज की मूल क्रिप्टोकरेंसी है, जो वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा एक्सचेंज है। Binance को केवल 2017 में लॉन्च किया गया था, लेकिन अपने प्लेटफॉर्म पर व्यापार को सुविधाजनक बनाकर बहुत तेजी से विस्तार किया। क्रिप्टो ने 2017 में अपनी कीमत से एक लंबा सफर तय किया है। 

7. Solana (SOL)

हाल ही में, सोलाना को गिरावट का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन क्रिप्टो इस सूची में 2021 में अपनी बेहद सफल उपलब्धि के कारण तीसरे स्थान पर है। एसओएल ने खुद को बाजार में सबसे तेजी से बढ़ने वाली क्रिप्टो में से एक साबित कर दिया है। इसके अलावा, इसमें कोई असहमति नहीं हो सकती है कि एसओएल एथेरियम के लिए सबसे बड़ा प्रतियोगी है। रिपोर्टों के अनुसार, 2021 में SOL टोकन 13,662% बढ़ा।

8. Ripple (XRP)

Ripple 2012 में release हुआ और ये distributed open source protocol के ऊपर based है, Ripple एक real-time gross settlement system (RTGS) है जो की अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी चलाता है जिसे की Ripples (XRP) भी कहा जाता है

9. Polygon
इस साल पॉलीगॉन की संभावनाएं काफी अच्छी मानी जा सकती हैं। और विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इसका श्रेय एथेरियम को जाता है। क्रिप्टो पूरी तरह से ETH 2.0 संस्करण में संक्रमण के लिए पूरी तरह से तैयार है, जो बहुभुज जैसे परत -2 समाधानों पर बहुत अधिक निर्भर करता है। ये यह भी संकेत दे सकता है, कि पॉलीगॉन में मूल्य में वृद्धि का अनुभव करने के लिए बढ़त है, और यह खरीदने और रखने का एक अच्छा विकल्प है।

क्रिप्टोकरेन्सी के फायदे 

# क्रिप्टोकरेंसी में फ्रॉड होने के चान्सेस बहुत कम है।  

# क्रिप्टो की बात की जाये तो यह नार्मल डिजिटल पैमेंट से ज़्यादा सिक्योर होता है। 

# इसकी ट्रांज़ेक्शन फीस भी बहुत कम है। 

# इसमें अकाउंट बहुत ही सिक्योर होते है, क्यू की इसमें अलग-अलग क्रिप्टोग्राफी एल्गोरिथ्म का प्रयोग होता है।

क्रिप्टोकरेन्सी के नुकसान :-

# क्रिप्टो में अगर आप एक बार transcation done कर देते ही तो उसे वापिस रिज़र्व करना नामुमकिन है। 

# अगर आप अपने वॉलेट id खो देते है तो वह हमेशा के लिए खो जाएगी, क्यूंकि इसे दोबारा प्राप्त करना असंभव है। ऐसे में आपके वॉलेट के पैसे भी खो जाते है। 

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