इनकी पूजा के बिना अधूरी रहेगी गणेश चतुर्थी

Sep 06 2018 11:52 AM
इनकी पूजा के बिना अधूरी रहेगी गणेश चतुर्थी

भारतीय धर्म के अनुसार सबसे पहले पूजन की बात की जाए तो भगवान गणेश का पूजन किया जाता है. भगवान गणेश का पूजन सभी घरों में सबसे पहले होता है और उसके बाद ही कोई शुभ कार्यक्रम शुरू किया जाता है. कोई नए काम की शुरुआत के लिए भी गणेश जी का पूजन ही सर्वप्रथम किया जाता है. ऐसे में हर साल भारतीयों में गणेश चतुर्थी मनाई जाती है जो बहुत ही ख़ास त्यौहार माना जाता है. यह त्यौहार सभी के लिए बहुत ख़ास होता है क्योंकि इस दिन गणेश जी का आगमन होता है. ऐसे में गणेश जी के साथ ही उनकी दोनों पत्नियों की भी पूजा की जाती है. गणेश जी को बुद्धि का प्रतीक माना जाता है और सभी मंदिरों में उनकी पूजा सबसे पहले होती है.

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गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणपति महोत्सव मनाया जाता है गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है और यहाँ पर काफी धूम-धाम भी होती है. यहाँ का हर कोना भगवान गणेश के जयकारे लगाता है लेकिन गणेश जी की पूजा उनके आठ अति प्राचीन मंदिर के आठ शक्तिपीठ की पूजा के बिना सम्पन्न नहीं माने जाते हैं. कहा जाता है कि इन आठ शक्तिपीठ की पूजा से ही भगवान गणेश की पूजा सम्पन्न होती है. ऐसे में आज हम आपको उन आठ शक्तिपीठ के नाम बताएंगे जिनकी पूजा करने पर भगवान गणेश खुश हो जाते हैं.

इन चीजों के बगैर अधूरी मानती जाती है गणेश पूजा

1. श्री मयूरेश्वर , मोरगाओं

2. श्री सिद्धिविनायक, सिद्धटेक

3. श्री बल्लालेश्वर,पाली

4. श्री वरद विनायक, महाड

5. श्री चिंतामणि , थेऊर

6. श्री गिरिजात्मजा , लेन्याद्री

7. श्री विघ्नेश्वर , ओजार

8. श्री महागणपति , रानझनगाव

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