पीएम मोदी के हस्तक्षेप से 25 साल पुराने ओडिशा के रेलवे प्रॉजेक्ट को मिली थी रफ़्तार

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने जब हाल ही में प्रशासन और विभिन्न प्रॉजेक्ट्स की समीक्षा के लिए ‘प्रगति’ बैठक की अध्यक्षता की तो एक प्रॉजेक्ट के स्टेटस रिपोर्ट से बेहद खुश नज़र आए। यह प्रोजेक्ट कही और का नहीं बल्कि ओडिसा का सबसे चर्चित रेलवे ट्रैक है जो  खुर्दा-बलांगीर से जुड़ा हुआ था. इतना ही नहीं यह 289 किलोमीटर की खुर्दा-बलांगीर रेलवे लाइन 1995 से ही धरातल पर आने की राह को जोड़ रहा था।

यह ओडिशा का सबसे पिछड़े और गरीब क्षेत्रों में फैला हुआ है. प्रशासनिक ढील के कारण से यह प्रॉजेक्ट बेहद सुस्त ढंग से कार्य कर रहा है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की नजर इस रेलवे प्रॉजेक्ट पर पड़ी और इसकी स्टेटस रिपोर्ट से उस समय वह बेहद नाराज हुए थे। अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए मोदी ने उस समय PMO के अधिकारियों से बोला था, 'यह क्षेत्र सबसे गरीब और जरूरतमंदों का घर है, जो बाकी क्षेत्रों से पिछड़े हैं और सरकारी सहायता की उन्हें बेहद जरूरत है। हमलोग इस कोशिश में नाकाम सिद्ध हुए हैं।'

प्रॉजेक्ट के स्टेटस रिपोर्ट से संतुष्ट दिखे पीएम: प्रधानमंत्री ने कहा था, 'इस प्रॉजेक्ट को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। यदि वर्ष 2000 तक काम समाप्त हो गया होता तो प्रॉजेक्ट की कीमत भीकम होती और पूर्वोत्तर भारत के लोगों को इसका लाभ भी मिलता।' बुधवार को जब रेलवे मिनिस्ट्री ने इस प्रॉजेक्ट का स्टेटस रिपोर्ट साझा की तो प्रधानमंत्री मोदी संतुष्ट नज़र आए। सूत्रों का कहना है कि स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया कि रेलवे ट्रैक का कार्य सही गति से किया जा रहा है और तय समय में यह अवश्य खत्म हो जाएगा। PMO अधिकारियों का मानना है कि खुर्दा-बालंगीर रेलवे लाइन का स्टेटस रिपोर्ट साबित करता है कि 'प्रगति' प्लैटफॉर्म पर अन्य योजनाएं भी सुचारू ढंग से किया जा रहा है।

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