जानें कब और कैसे हुई थी वर्ल्ड ओजोन डे मनाने की शुरुआत

ओजोन परत के बारे में तो आप सभी बहुत अच्छे से जानते होंगे। इसके बारे में हम बचपन से पढ़ते आए हैं और हम सभी जानते हैं कि सूर्य की पराबैंगनी किरणों से यह हमारी रक्षा करती हैं। ऐसे में आज वर्ल्ड ओजोन डे है। यह दिन हर साल मनाया जाता है। इस दिन को ओजोन परत के बारे में लोगों को जागरूक करने के मकसद से मनाया जाता है। यह हर साल 16 सितंबर को मनाया जाता है। आप सभी को बता दें कि वायुमंडल में ओजोन परत सूर्य से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावाइलट किरणों से पृथ्वी को बचाती हैं।

जी दरअसल सूर्य से निकलने वाली ये किरणें त्वचा रोग समेत कई बीमारियों का कारण बन सकती हैं, ऐसे में ओजोन परत इनसे हमे बचा लेती है और ऐसा कहा जा सकता है कि इस परत के बिना पृथ्वी पर जीवन मुमकिन नहीं होता। आपको हम यह भी बता दें कि साल 1970 के अंत में वैज्ञानिकों को ओजोन परत में छेदों के बारे में पता चला। इसी के बाद 80 के दशक में विश्व के कई देशों की सरकार ने इस समस्या पर चिंतन करना शुरू किया।

वहीँ साल 1985 में दुनिया की सरकारों ने ओजोन परत की सुरक्षा के लिए वियना कन्वेशन को अपनाया। यह सब होने के बाद 19 दिसंबर 1994 को यूएन की जनरल असेंबली ने 16 सितंबर को ओजोन लेयर के बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने का फैसला किया। आपको बता दें कि पहला ओजोन डे 16 सितंबर 1995 को मनाया गया था और उसके बाद से लगातार इस दिन को मनाया जा रहा है।

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