चोटिल खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त हुआ विंबलडन

लंदन : खेलों की दुनिया में विंबलडन कितना प्रसिद्द और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है शायद बताने की जरुरत नहीं है. इस टूर्नामेंट को इसके सख्त नियमो के लिए भी जाना जाता है.अब इस बार के लिए  विंबलडन के अधिकारियों ने आज खिलाडिय़ों को चेतावनी दी है कि अगर वे चोटिल होने के बावजूद खेलते हैं और पूरी क्षमता के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करते है तो पुरस्कार राशि से हाथ धो सकते हैं. ऑल इंग्लैंड क्लब पुरुषों और महिलाओं के एकल मैचों के शुरुआती दौर में चोटों के कारण मैच बीच में छोडऩे की स्थिति से बचने के लिए इस साल विंबलडन में ‘‘50:50’’ नियम लागू करेगा.

गौरतलब है कि पिछले साल पूरी तरह से फिट नहीं होने के बावजूद विंबलडन में पहले दौर के मैचों में खेलने वाले खिलाडिय़ों की काफी आलोचना हुई थी, खिलाड़ी इस चरण में इसलिए खेले ताकि हारने पर भी वह पुरस्कार राशि प्राप्त कर सके, 2017 टूर्नामेंट में कुल सात खिलाड़ी मैच के बीच से हट गए.

अधिकारियों के अनुसार 'नए नियम के मुताबिक मुख्य ड्रॉ की शुरुआत से पहले गुरुवार तक नाम वापस लेने पर खिलाड़ी अब पहले दौर की पुरस्कार राशि के 50 प्रतिशत हिस्से पर अपना दावा कर पाएंगे. चोटिल खिलाड़ी के स्थान पर खेलने वाले खिलाड़ी को पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा .पहले दौर में कोई खिलाड़ी कोर्ट में उतरता है और अगर वह मैच बीच में छोड़ता है या उसका प्रदर्शन ‘‘ पेशेवर मानकों से कमतर होता है’’ तो उस पर पूरी पुरस्कार राशि का जुर्माना लगाया जा सकता है. इस बार पहले दौर में हारने वाले खिलाड़ी को पुरस्कार के रूप में 53,000 डालर दिए जाएंगे. '

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