अब इस तरह से पूरा होगा विदेश में पढ़ने का सपना

Apr 21 2015 04:18 AM
अब इस तरह से पूरा होगा विदेश में पढ़ने का सपना
style="text-align: justify;">भारत में पड़ने वाले कई स्टूडेंट का सपना होता है कि वें कभी विदेश में जाकर पढ़ाई करे, क्यों कि इससे समाज में सम्मान और आगे अच्छे कॅरियर की संभावना बढ़ जाती है. लेकिन अधिकतर स्टूडेंट योग्यता के बावजूद भी सिर्फ इसलिए विदेश नहीं जा पाते क्यों कि उनमे जानकारी का अभाव होता है. 

ज्यादातर स्टूडेंट के मन में ये सवाल होता है कि वीजा कैसे मिलेगा? प्रवेश कैसे होता है? खर्चा कितना आता है और अध्ययन की क्या प्रक्रिया है ? ऐसे में हम आपको बता दे कि विदेशो मे अध्ययन स्नातक और स्नातकोत्तर दोनो स्तरो पर करवाया जाता है, वहीँ आप मेडिकल, कानून, प्रबन्धन आदि की पढ़ाई भी कर सकते हो. 

विदेशो में पड़ने के लिए जरुरी है कि आपका शैक्षिक रिकार्ड उत्तम हो, इसके अलावा स्नाकोत्तर की पढ़ाई करने की चाह रखने वाले स्टूडेंट के लिए उस विषय विशेष की पृष्ठिभूमि होनी जरूरी है. 

 कोर्स विशेष के लिए कुछ क्वालीफाइंग परीक्षाएं होती है, जो इस प्रकार है :- 

  • टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज फॉरेन लैग्वेज (टोएफल) 

  • टेस्ट ऑफ रिटेन इंग्लिश (टीडब्ल्यूइ) 

  • इंटरनेशनल इंग्लिश लैग्वेज टेस्ट (आईईएलटी) 

  • ग्रेजुएशन रिकार्ड एक्जामिनेशन (जीआरइ) 

  • टेस्ट ग्रेजुएट मैनेजमेट एजुकेशन टेस्ट (जी-मैट) 

  • टेस्ट ऑफ स्पीकिंग इंग्लिश (टीएसई) 

  • स्कॉलेस्टिक असेस्मेट टेस्ट (एसएटी) 

  • एम.ए.टी. (मीलर एनालोजीज टेस्ट) 

  • डी.ए.टी. (डेन्टल एडमीशन टेस्ट) 

  • एल.एस.ए.टी. (लॉ स्कूल एडमीशन टेस्ट) 

  • एम.सी.ए.टी. (मेडिकल साइंस एडमीशन टेस्ट)