E Cigarette : भारत में ई सिगरेट का प्रचलन और इसके खिलाफ आम आदमी की क्या है जिम्मेदारी ?

Sep 12 2019 09:45 AM
E Cigarette : भारत में ई सिगरेट का प्रचलन और इसके खिलाफ आम आदमी की क्या है जिम्मेदारी ?

ई सिगरेट आज ना केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए बड़ी समस्या बनते जा रही है. बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसे समय रहते नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ सकता है. ई सिगरेट को ध्यान में रखते हुए आज हम भारत में ई सिगरेट का प्रचलन क्या है, क्या हमें अब इसके खिलाफ स्टैंड लेने की जरूरत है और सरकार इस पर प्रतिबंध लगाने की योजना कैसे बना रही है ? इन सभी सवालों के जवाब ढूंढेंगे.

भारत में ई सिगरेट का प्रचलन क्या है ?

ई सिगरेट पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी तेजी से अपने पैर पसार रही है. 130 करोड़ लोगों के देश में ई सिगरेट धीरे-धीरे बड़े व्यापार का क्षेत्र बन रही है. भारत में हर राज्य और हर कोने में इसने अपनी जगह बना ली है, हालांकि भारत के 8 राज्यों ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है और इसके चलन को कम करने का काम बखूबी कर दिया है. पिछले 2-3 सालों में इसका प्रचलन तेजी से बड़ा है, हालांकि इसे रोकने के हरसंभव प्रयास केंद्र के साथ ही राज्य सरकार भी कर रही है. 

क्या हमें अब इसके खिलाफ स्टैंड लेने की जरूरत है ?

सवाल है कि क्या आम जन को भी इसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है ? जी हां...हमे भी इसके खिलाफ आवाज को बुलंद करना ही होगा. सरकार अपने स्तर पर इसे रोकने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके साथ ही भारत के नागरिक होने के चलते हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम भी बुराई के खिलाफ और देश की भलाई के लिए एक जुट होकर खड़े रहे. यदि हमारे सामने कोई इसका सेवन करता है, कोई इसे खरीदता या बेचता है तो हमे इसके ख़िलाफ़ एक्शन लेने की जरुरत है.

सरकार ई सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने की योजना कैसे बना रही है ?

भारत सरकार ई सिगरेट के खिलाफ है और इसके लिए कई तरह के सराहनीय कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार ई-सिगरेट समेत इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम्स (ईएनडीएस) उत्पादों के निर्माण, बिक्री और आयात पर पाबंदी लगाने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी में चल रही हैं. साथ ही खबर है कि सरकार इस बड़े मुद्दे के लिए कानूनी राय भी ले रही है. अगर अध्यादेश लेकर अगले सत्र में इसका बिल पास किया जाता है, तो फिर यह सरकार का एक और फैसला देश हित में होगा. फ़िलहाल भारत के 8 राज्यों में ई सिगरेट प्रतिबंधित है. 

 

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